वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट विस्तार को लेकर जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण।

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आवश्यक 12 एकड़ जमीन को पूरा करने के लिए राजस्व अधिकारी व अंचलाधिकारी से की चर्चा, जल्द रिपोर्ट देने का दिया निर्देश

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकि नगर एयरपोर्ट के विस्तार और सौंदीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने राजस्व विभाग की टीम के साथ बुधवार की देर शाम स्थल निरीक्षण किया। बिहार सरकार उड्डयन मंत्रालय से मिले निर्देश के बाद जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ एयरपोर्ट पहुंच आवश्यक जमीन व एयरपोर्ट की लंबाई चौड़ाई के लिए आवश्यक जमीन के बाबत जानकारियां ली। जिलाधिकारी के साथ डीसीएलआर अंजलिका कृति, एसडीएम गौरव कुमार, सीओ मो. वसीम अकरम के नेतृत्व में अंचल की टीम एयरपोर्ट के आसपास की जमीन की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने, राजस्व अधिकारी को शुक्रवार दोपहर तक आवश्यक जमीन के बाबत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। अधिकारियों के साथ कर्मचारी और अंचल अमीन भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के साथ आई टीम ने हवाई अड्डा के चारों ओर उपलब्ध जमीन की प्रकृति, उपयोग और अभिलेखों की जांच की। जिलाधिकारी ने बताया कि विमानन विभाग की ओर से एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए करीब 12 एकड़ अतिरिक्त भूमि की मांग की गई है, जिसे उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। अभी जमीन कहां है और किस तरफ इसका विस्तार करना आवश्यक है इसके लिए अभी निरीक्षण किया जा रहा है।

इस दिशा में अंचल प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू की है। डीएम के मुताबिक, इस एयरपोर्ट के सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए जमीन की जरूरत को देखते हुए आसपास की भूमि का निरीक्षण किया गया। संबंधित हल्का कर्मचारी से जमीन से जुड़ा प्रतिवेदन भी मांगा गया है।

उन्होंने बताया कि आसपास उपलब्ध सरकारी जमीन विमानन विभाग को उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जरूरत के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि एयरपोर्ट के विस्तार कार्य में कोई बाधा नहीं आए।

वन भूमि के लिए विभाग से विभाग करेगा बात

वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को विस्तृत करने के लिए निरीक्षण करने आए जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट विस्तार में वन भूमि का मिलना जरूरी है। चुकी वन विभाग से बात करने के लिए जिला प्रशासन पर्याप्त नहीं है। इसीलिए विमानन विभाग और वन विभाग के बीच का यह मामला है। कैबिनेट द्वारा इस प्रस्ताव को लाकर विभाग से विभाग बात करेगा। फिलहाल जो 12 एकड़ भूमि का प्रस्ताव है उसे कैसे पूर्ति किया जाएगा इस पर मंथन चल रहा है।

एयरपोर्ट को फंक्शनल करने की कवायद भी तेज

वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित है और इसका ऐतिहासिक महत्व भी है। गंडक बराज के शिलान्यास के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और तत्कालीन नेपाल नरेश महेंद्र वीर विक्रम शाह समेत कई केंद्रीय व राज्य सरकार के मंत्रियों का यहां आगमन हुआ था। उसी समय इस एयरपोर्ट का निर्माण हुआ था। लेकिन बाद के वर्षों में यह कभी फंक्शनल नहीं हो सका। इस बीच वाल्मीकिनगर भारत के पर्यटन नक्शे पर तेजी से उभरा है। देश और विदेश से पर्यटक लगातार यहां आने लगे हैं। हाल में इस एयरपोर्ट को फंक्शनल करने की कवायद भी तेज हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट के विस्तार और सौंदर्याकरण के बाद इस क्षेत्र में पर्यटन, आवागमन और व्यावसायिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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