



जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के वन क्षेत्रों में नए साल के अवसर पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने या पिकनिक मनाने वालों की खैर नहीं है। वीटीआर प्रशासन की ओर से नए साल में वन क्षेत्र के भीतर पिकनिक मनाने वालों के लिए चेतावनी जारी किया गया है। कहा गया है कि नए साल में जंगल में अनाधिकृत प्रवेश करना, खाना बनाना, बाजा बजाना, आग लगाना, शिकार खेलना, शोरगुल करना आदि पूर्णतः वर्जित है। पकड़े जाने पर वन्य प्राणी अधिनियम के तहत जेल की हवा खानी पड़ सकती है।वन महकमा के द्वारा जारी दिशा निर्देश के तहत नए साल के अवसर पर वन कर्मियों की टीम सघन गश्त अभियान चला रही है। जिसके तहत इंडो नेपाल क्षेत्र से जुड़े सभी पथों पर विशेष चौकसी के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध व्यक्ति एवं शिकारियों पर वन विभाग की पैनी नजर है। इसके तहत सभी वन क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस फरमान से वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की हसीन वादियों में पिकनिक मनाने की हसरत पाले पर्यटक मायूस हैं। हालांकि पूर्व की तरह आम बागीचा एवं बेलवा घाट के आसपास खाली पड़े भूखंडों पर पर्यटक पिकनिक मना सकते हैं। सभी वन क्षेत्रों में शिकारियों एवं वन अपराधियों के विरुद्ध लगातार छापेमारी जारी है। वन विभाग ने जंगलों में नए साल का धूम-धड़ाका और पार्टी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा है। इस बाबत सीएफ नेशमणि ने बताया कि इस तरह की गतिविधियां रोकने के लिए रेंज अधिकारियों की विशेष टीम बनाकर गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। जंगलों में पिकनिक के आयोजन से जहां पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, वहीं वन्यजीवों के शिकार की भी आशंका बनी रहती है। लोग जंगल में पिकनिक मनाने जाते हैं और तेज आवाज में बाजा बजाते हैं । वहीं आग लगाकर खाना बनाते हैं। भोजन करने के बाद जूठे पत्तल, पॉलीथिन आदि जंगल में फेंककर गंदगी फैलाते हैं। जिसे वन एवं वन्य जीवों पर खतरा बढ़ जाता है। नववर्ष के अवसर पर जंगल में शिकार की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए सूर्यास्त से लेकर सूर्योदय तक वन क्षेत्र में पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले वन कर्मियों पर भी गाज गिरना तय है।










