वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में प्रीमियम इको-टूरिज्म की नई उड़ान।

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मंत्री श्रवण कुमार ने ‘सप्तश्रृंगा हॉलिडे होम’ का किया दौरा

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अपनी टीम के साथ वाल्मीकि टाइगर रिजर्व स्थित नव-उद्घाटित ‘सप्तश्रृंगा हॉलिडे होम’ का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने इस प्रतिष्ठान की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र में उभरता हुआ एक विशिष्ट और प्रतिष्ठित बुटीक रिसोर्ट बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार के इको-टूरिज्म को नई पहचान देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। दौरे के दौरान मंत्री ने रिसोर्ट की आकर्षक यूरोपीय शैली की वास्तुकला, हरियाली से घिरे परिसर और इन्फिनिटी स्विमिंग पूल का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का यह संतुलित संयोजन पर्यटकों को एक अलग अनुभव प्रदान करेगा। रिसोर्ट के कमरों की साज-सज्जा में स्थानीय कलात्मकता और भारत-नेपाल की थारू सांस्कृतिक विरासत की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जो इसे अन्य पर्यटन स्थलों से अलग पहचान देती है। मंत्री श्रवण कुमार ने विशेष रूप से इस बात पर प्रसन्नता जताई कि यहां की आतिथ्य सेवाएं स्थानीय समुदाय के सहयोग से संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास का वास्तविक अर्थ तभी साकार होता है जब स्थानीय लोगों को रोजगार और भागीदारी के अवसर मिलें। इस पहल के माध्यम से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के गांवों में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित होगा। रिसोर्ट प्रबंधन ने बताया कि ‘सप्तश्रृंगा हॉलिडे होम’ का उद्देश्य प्रीमियम और लक्ज़री पर्यटन को बढ़ावा देते हुए बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाना है। यहां पर स्थानीय व्यंजनों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनमें भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की पारंपरिक थारू संस्कृति का स्वाद मिलता है। इससे पर्यटकों को स्थानीय जीवन शैली को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा।


मंत्री ने कहा कि बिहार में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार इन संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बुटीक रिसोर्ट भविष्य में देश के प्रसिद्ध वन्यजीव पर्यटन स्थलों—जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, चितवन नेशनल पार्क, बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान और कान्हा राष्ट्रीय उद्यान—की श्रेणी में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व को स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में बुटीक-आधारित प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य की पर्यटन छवि सुदृढ़ होगी और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। मंत्री के इस दौरे को स्थानीय लोगों ने सकारात्मक संकेत के रूप में देखा है, जिससे आने वाले समय में वाल्मीकिनगर क्षेत्र में पर्यटन और ग्रामीण विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

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