शिक्षा और पारिवारिक संस्कार से रामजी बाबू आदर्श शिक्षक बने थे :- पं० भरत उपाध्याय

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बगहा। बगहा प्रखंड स्थित हरिहर माध्यमिक विद्यालय पतिलार के पूर्व शिक्षक स्व० रामजी शरण के निज निवास जोगा पट्टी, थाना अंतर्गत, ग्राम- पोस्ट डुमरी में हो रहे श्रद्धांजली सभा में, श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए पूर्व प्राचार्य पंडित भरत उपाध्याय ने कहा कि जिन माता-पिता ने आपका बचपन संवारा,उनके अंतिम सफर में साथ देने से कभी पीछे मत होना। हम इस दुनिया में रहने नहीं आए हैं,बल्कि यहां से बस, गुजर रहे हैं और एक दिन गुजर जाएंगे। शिक्षक के रूप में हरिहर उच्च विद्यालय पतिलार में रामजी बाबू मेरे अग्रज और निकटतम थे। जो निकटतम हैं उनको जानने से ही दूर की यात्रा शुरू होती है! जो निकट को जानने में असमर्थ है वह भला दूर को जानने में कैसे समर्थ होगा? जो निकट को जान लेता है उसके लिए कुछ भी दूर नहीं रह जाता, क्योंकि तब उसे ईश्वर पास दिखाई पड़ता है। 86-वर्षीय रामजी बाबू जीवन भर शिक्षा व समाज के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिये।उनका जीवन नैतिक मूल्य, सादगी और जनहित के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा जो आज भी उनके शिष्यों को प्रेरित करता है। अश्रुपूर्ण श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए परिवारजन, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद् व ग्रामीणों सहित सैकड़ों लोगों ने रामजी बाबू के व्यक्तित्व व कृतित्व को याद किया।

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