



प्रतिबंधित दवाओं के लत के कारण नेपाली युवक लूटपाट व चोरी करने पर हो रहे मजबूर
जिला व्यूरो, विवेक कुमार सिंह,
बेतिया/वाल्मीकिनगर:-भारतीय सीमा से सटे पड़ोसी देश नेपाल में कुछ ऐसे दवाइयां हैं, जो पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहीं भारत में उन दवाईयों का उपयोग खांसी बुखार व दर्द में किया जाता है। इन दवाईयों को भारत और नेपाल के युवक कम उम्र से ही नशा के रूप में सेवन करते हैं। जिसके कारण दवा विक्रेताओं के द्वारा उन दवाईयों की कीमत भी चौगुना कर दिया गया है। अधिक दाम होने के कारण नेपाली युवकों को इसके लिए चोरी, लूटपाट व तस्करी करना पड़ रहा है। शनिवार की सुबह नेपाल के पत्थर कला निवासी वीरेंद्र नुनिया का 17 वर्षीय पुत्र गोविंद कुमार वाल्मीकिनगर के तीन आरडी पुल चौक के पास से साइकिल चोरी करते हुए पकड़ा गया। जिसे दुकानदारों ने पकड़ कर वाल्मीकिनगर पुलिस के हवाले कर दिया गया। स्थानीय निवासी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह लड़का पिछले तीन दिनों से लगातार चोरी करने का प्रयास कर रहा था। कई बार इसे पड़कर दुकानदारों द्वारा छोड़ दिया गया। अंततोगत्वा यह अपना आदत नहीं सुधारा और फिर साइकिल चोरी कर ले जाने के क्रम में पकड़ा गया। स्थानीय व्यवसायी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि नेपाल के 75% युवा प्रतिबंधित दवा के सेवन का आदी बन गए हैं। पैसे नहीं रहने के कारण उन्हें चोरी करना पड़ रहा है। यथाशीघ्र इस पर रोक नहीं लगाया गया, तो बहुत से युवकों का जीवन बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बहुत से ऐसे युवक हैं जो कम उम्र में ही इस दवा के सेवन के कारण मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं। नशीले दवाओं के बिक्री से दवा दुकानदारों की भी चांदी कट रही है। इस पर केमिस्ट विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए।










