

वाल्मीकिनगर में स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण, तकनीक आधारित निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन पर जोर।
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर: नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में सोमवार को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, वाल्मीकिनगर में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू की जा रही डिजिटल माइक्रोप्लान प्रणाली की जानकारी देना तथा इसके सफल क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को तैयार करना था। प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह ने बताया कि डिजिटल माइक्रोप्लान नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से टीकाकरण संबंधी सूचनाओं का बेहतर प्रबंधन, निगरानी और मूल्यांकन संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक समय पर टीकाकरण सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में प्रखंड क्षेत्र की सभी एएनएम एवं आशा फैसिलिटेटरों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रतिनिधियों ने डिजिटल माइक्रोप्लान के संचालन, उपयोग और रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था के जरिए टीकाकरण से जुड़े आंकड़ों का सुरक्षित एवं व्यवस्थित संधारण किया जा सकेगा, जिससे रिकॉर्ड प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक सटीक और प्रभावी होगा। प्रशिक्षकों ने बताया कि डिजिटल माइक्रोप्लान के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान, टीकाकरण सत्रों की योजना, वास्तविक समय में डेटा उपलब्धता, निगरानी तथा मूल्यांकन जैसे कार्यों को सरल बनाया जा सकेगा। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को कागजी अभिलेखों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा और आवश्यक जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें टीकाकरण सेवाओं से जोड़ना भी आसान होगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल प्रणाली के विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने मोबाइल एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा प्रविष्टि, रिकॉर्ड अपडेट और माइक्रोप्लान तैयार करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। इस अवसर पर डॉ. रणवीर सिंह, डॉ. विकास कुमार, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि रजनीश कुमार, बीएएचएम जितेंद्र कुमार सहित कई स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य कर्मियों से अपील की गई कि वे डिजिटल माइक्रोप्लान का नियमित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया जा सके तथा प्रत्येक पात्र बच्चे और गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।










