

मकान किराया भत्ता लेने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी, अतिक्रमण व प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश।
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर :- जल संसाधन विभाग के अंतर्गत कार्यरत शीर्ष कार्य प्रमंडल, वाल्मीकिनगर ने सरकारी आवासों पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी, पश्चिमी चंपारण को पत्र भेजकर शिक्षा विभाग से जुड़े उन शिक्षक-शिक्षिकाओं के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है, जो वर्षों से सरकारी क्वार्टरों में अवैध रूप से रह रहे हैं। कार्यपालक अभियंता द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विभागीय आदेशों के बावजूद शीर्ष कार्य प्रमंडल क्षेत्र के कई सरकारी आवास अब भी शिक्षा विभाग के कर्मियों के कब्जे में हैं। विभाग का आरोप है कि संबंधित शिक्षक और शिक्षिकाएं शिक्षा विभाग से मकान किराया भत्ता भी प्राप्त कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर जल संसाधन विभाग के सरकारी क्वार्टरों में बिना अनुमति निवास कर रहे हैं। इससे सरकारी राजस्व को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। पत्र में बताया गया है कि विभागीय पत्रांक-653 दिनांक 2 अप्रैल 2024 और पत्रांक-132 दिनांक 18 मार्च 2025 के तहत सरकारी आवासों और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई चल रही है। इसी क्रम में शीर्ष कार्य अवर प्रमंडल, वाल्मीकिनगर द्वारा अवैध रूप से आवासित शिक्षक-शिक्षिकाओं की सूची तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराई गई है। कार्यपालक अभियंता ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि सूचीबद्ध शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सरकारी आवासों को जल्द जल संसाधन विभाग को सुपुर्द कराया जाए। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर अतिक्रमण वाद दायर करने और प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार अवैध रूप से रह रहे कर्मियों से दंडात्मक किराया वसूलने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए अलग से किराया गणना की प्रक्रिया चलाई जा रही है। माना जा रहा है कि कार्रवाई के बाद कई सरकारी क्वार्टर खाली कराए जा सकते हैं। इस मामले की प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), पश्चिमी चंपारण को भी भेजी गई है। उन्हें भी संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई कर विभाग को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। 22 मई 2026 को जारी पत्र में अधीनस्थ अधिकारियों को अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।सरकारी आवासों पर अवैध कब्जे के इस मुद्दे ने शिक्षा विभाग और जल संसाधन विभाग के बीच हलचल बढ़ा दी है। अब प्रशासनिक कार्रवाई और संभावित अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।










