जैव विविधता दिवस पर बच्चों ने बनाया पक्षियों का आशियाना।

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वाल्मीकिनगर के विद्यालय में इको क्लब की पहल, नारियल के छिलकों से तैयार किए गए घोंसले

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर राजकीय मध्य विद्यालय वाल्मीकिनगर में इको क्लब “मिशन फॉर लाइफ” के तत्वावधान में जागरूकता एवं रचनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना था। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पक्षियों के लिए आकर्षक घोंसलों का निर्माण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालय परिसर में आयोजित गतिविधि में बच्चों ने नारियल के सूखे छिलकों तथा अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्रियों की मदद से सुंदर और उपयोगी घोंसले तैयार किए। इन घोंसलों को विद्यालय की पोषण वाटिका एवं परिसर के पेड़ों पर लगाया जाएगा, ताकि पक्षियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। बच्चों ने बढ़ती गर्मी, घटते वन क्षेत्र और पेड़ों की लगातार कटाई से पक्षियों पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को भी समझा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य मनोज कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस प्रत्येक वर्ष 22 मई को मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की थीम “वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना” है, जो इस बात पर बल देती है कि स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानाचार्य ने कहा कि पक्षी जैव विविधता का अहम हिस्सा हैं। वे बीजों के प्रसार, परागण और कीट नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी क्षेत्र में पक्षियों की मौजूदगी वहां के पर्यावरणीय संतुलन का संकेत मानी जाती है। लेकिन ग्लोबल वार्मिंग, बढ़ते तापमान, प्राकृतिक आवासों के विनाश और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण कई पक्षी प्रजातियां संकट का सामना कर रही हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित घोंसले और अनुकूल वातावरण तैयार करना समय की मांग है। घोंसला निर्माण गतिविधि में इको क्लब “मिशन फॉर लाइफ” के सदस्य छात्रों प्रभाकर लामा, फातिमा खातून, अंश, हामिद और आमना समेत अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में नोडल शिक्षक भैरवलाल पासवान, विनोद चंद्र, मधुबाला यादव, गीता कुमारी, संजू देवी तथा शिक्षा सेवक लोकनाथ राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में प्रधानाचार्य मनोज कुमार ने कहा कि बच्चों के ऐसे रचनात्मक प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करते हैं, बल्कि उन्हें प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देते हैं। विद्यालय परिवार ने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और पक्षियों सहित अन्य जीवों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

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