

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:-नीतीश कुमार ने रविवार को अपने एकदिवसीय दौरे के दौरान वाल्मीकिनगर पहुंचकर क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाली कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया। संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली दौरे में मुख्यमंत्री ने लव-कुश पार्क, दोन नहर पथ सहित विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। जैसे ही मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट पर उतरा, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल बन गया।

दौरे की शुरुआत मुख्यमंत्री ने लव-कुश पार्क के शिलान्यास से की। यह परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जंगल सफारी के लिए तैयार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अतिरिक्त उन्होंने दोन नहर पथ समेत कई अन्य विकास योजनाओं की आधारशिला रखी। इन योजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। सीमावर्ती इलाके में विकास कार्यों को गति देने के लिए यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान गंडक बराज का निरीक्षण किया और जल संसाधन विभाग के अतिथि भवन का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री के स्वागत में जीविका समूह की महिलाओं ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत कर माहौल को उल्लासपूर्ण बना दिया। मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया और भविष्य में फिर से वाल्मीकिनगर आने का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों ने इस दौरे को विकास के नए अवसरों की शुरुआत के रूप में देखा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। भारत-नेपाल सीमा मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था और पुलिस व प्रशासन के अधिकारी हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए थे। जगह-जगह सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। हालांकि मुख्यमंत्री का दौरा काफी संक्षिप्त रहा, लेकिन इस दौरान किए गए शिलान्यास और घोषणाएं यह दर्शाती हैं कि राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के प्रति गंभीर है। दौरे के समापन के बाद मुख्यमंत्री पटना के लिए रवाना हो गए। यह दौरा वाल्मीकिनगर के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। आने वाले समय में इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिलेगी।










