सीमाई गांवों में जागरूकता की अलख जगा रहा सीमा जागरण मंच, नशा उन्मूलन और सामाजिक समन्वय पर बना ठोस रोडमैप।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने और युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के उद्देश्य से शनिवार शाम तीन पंचायतों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। तीन आरडी पुल चौक के समीप स्थित चंदेश्वर नाथ शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में सीमा जागरण मंच के अधीनस्थ शक्ति केंद्र—चंपापुर गनौली, लक्ष्मीपुर रमपुरवा और वाल्मीकिनगर शाखा के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य फोकस सीमावर्ती गांवों में बढ़ती नशा प्रवृत्ति पर रोक लगाने और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि युवा वर्ग को सही दिशा देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने और स्थानीय स्तर पर सक्रिय निगरानी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में कृष्णदेव प्रसाद केसरी, संरक्षक दिनेश कुमार गुप्ता, प्रचार प्रमुख प्रेम कुमार, मंत्री संजय कुमार, डॉ. संजय सिंह, शक्ति केंद्र गनौली के अध्यक्ष मंतोष कुमार यादव, शेखर सुमन, संजय प्रसाद एवं डॉ. वीरेंद्र प्रसाद सहित लगभग 50 कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का संचालन सीमा जागरण मंच के पूर्णकालिक महामंत्री गोविंद कुमार यादव ने किया। अपने संबोधन में गोविंद कुमार यादव ने कहा, “बुराई बुरे लोगों की सक्रियता से नहीं, बल्कि अच्छे लोगों की निष्क्रियता से फैलती है।” उन्होंने समाज के जागरूक लोगों से आगे आकर जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि समाज, शासन और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ही एक सशक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। बैठक में सीमाई क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए नि:शुल्क मेडिकल कैंप आयोजित करने का निर्णय लिया गया। जानकारी दी गई कि आगामी 11 अप्रैल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े डॉक्टरों की टीम वाल्मीकिनगर पहुंचेगी, जो चंदेश्वर नाथ शिव मंदिर परिसर में निःशुल्क जांच शिविर लगाएगी। इसमें जरूरतमंद लोगों को मुफ्त जांच, परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। स्थानीय कार्यकर्ताओं को इसके सफल आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही संगठन के विचारों और उद्देश्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने पर बल दिया गया। सदस्यों से अपील की गई कि वे परिवार और समाज में संवाद बढ़ाएं, जिससे सामाजिक एकता मजबूत हो और गलत प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाया जा सके। बैठक का समापन राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ।

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