



जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:– गंडक नदी से भटककर रिहायशी इलाकों में पहुंचे मगरमच्छ अब लोगों के लिए दहशत का कारण बनते जा रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के कैलाशपुर गांव से सामने आया, जहां स्कूल के पीछे स्थित तालाब में करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ देखे जाने से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। मगरमच्छ की मौजूदगी की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया और स्कूल परिसर के आसपास लोगों की आवाजाही रुक गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रामीण तालाब मैं मछली मारने गए थे। तभी पानी में हलचल के बीच मगरमच्छ दिखाई दिया। देखते ही देखते यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई। मगरमच्छ को देखने के लिए ग्रामीण जमा हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंची। मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब एक घंटे तक चले इस ऑपरेशन में वनकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि मगरमच्छ बार-बार पानी में छिपने की कोशिश कर रहा था। काफी प्रयासों के बाद वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में ले लिया। रेस्क्यू के सफल होते ही गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक वास गंडक नदी में ले जाकर छोड़ दिया गया, ताकि वह फिर से अपने प्राकृतिक वातावरण में रह सके। इस संबंध में रेंजर अमित कुमार ने बताया कि गंडक नदी में बाढ़ के दौरान अक्सर मगरमच्छ और अन्य जलीय जीव बहकर आसपास के तालाबों और जलाशयों में पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा,“मगरमच्छ निकलने की सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने पूरी सावधानी के साथ ऑपरेशन चलाकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ा और उसे गंडक नदी में छोड़ दिया गया है।”
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं भी मगरमच्छ या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो घबराएं नहीं। तुरंत इसकी जानकारी वन विभाग को दें, ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।










