गंडक सफारी पर लगा ब्रेक, बढ़ते जलस्तर ने रोका रोमांच का सफर, वीटीआर में समय से पहले बंद हुई नौका विहार सेवा।

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बेतिया/वाल्मीकिनगर:-गंडक नदी की तेज धाराओं पर रोमांच का अनुभव लेने वाले पर्यटकों के लिए फिलहाल इंतजार का दौर शुरू हो गया है। बढ़ते जलस्तर और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) प्रशासन ने वाल्मीकिनगर में संचालित गंडक सफारी (नौका विहार सेवा) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस निर्णय के बाद उत्तर प्रदेश, नेपाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले रोमांच प्रेमी पर्यटकों को अब अगले पर्यटन सत्र का इंतजार करना होगा। वीटीआर के बेलवा घाट से संचालित होने वाली गंडक सफारी वर्षों से पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही है। गंडक नदी की लहरों के बीच नौका विहार का रोमांच लेने के लिए हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। खासकर गर्मी और पर्यटन सत्र के दौरान यह गतिविधि पर्यटकों की पहली पसंद बनी रहती है। लेकिन मानसून की शुरुआत के साथ ही नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने लगा है। साथ ही नदी का पानी मटमैला और प्रवाह अधिक तेज हो जाने से नौका संचालन जोखिमपूर्ण हो गया था। वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले कुछ दिनों से गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही थी। ऐसे में किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए नौका विहार सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मौसम सामान्य होने और जलस्तर सुरक्षित स्तर पर पहुंचने के बाद आगामी अक्टूबर माह से गंडक सफारी का संचालन पुनः शुरू किया जाएगा। इस बार विशेष बात यह रही कि आमतौर पर जंगल सफारी और गंडक सफारी का समापन एक साथ किया जाता है, लेकिन नदी में बढ़ते खतरे को देखते हुए नौका विहार सेवा को समय से पहले रोकना पड़ा। हालांकि पर्यटकों के लिए राहत की बात यह है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी और अन्य वन्यजीव पर्यटन गतिविधियां अभी भी जारी हैं। पर्यटक बाघ, तेंदुआ, हिरण, भालू और विभिन्न दुर्लभ पक्षियों के दर्शन का आनंद ले सकते हैं। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का मानना है कि राफ्टिंग और नौका विहार बंद होने से रोमांचक पर्यटन गतिविधियों पर अस्थायी असर जरूर पड़ेगा, लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला आवश्यक था। अब सभी की निगाहें अक्टूबर माह पर टिकी हैं, जब गंडक की शांत होती लहरों के बीच एक बार फिर रोमांच का सफर शुरू होगा और पर्यटक नदी की खूबसूरती को करीब से महसूस कर सकेंगे।

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