

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- थाना क्षेत्र के चंपापुर गोनौली पंचायत अंतर्गत गौरी बेलवा गांव में धर्म जागरण समन्वय के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पंचायत की मुखिया प्रियंका देवी ने की। इस अवसर पर धर्म जागरण समन्वय के प्रचार प्रमुख संत रविदास महाराज, थारू जनजाति समुदाय के गणमान्य प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति और सामाजिक सौहार्द जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से नाबालिग बच्चों और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कम उम्र में नशे की लत बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इसका दुष्प्रभाव युवा पीढ़ी के भविष्य पर पड़ सकता है। इस संदर्भ में ग्रामीण स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखने की सलाह दी गई। धर्म जागरण समन्वय के प्रचार प्रमुख संत रविदास महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की सुदृढ़ता आपसी भाईचारे, सहयोग और सद्भाव पर आधारित होती है। उन्होंने ग्रामीणों से सामाजिक एकता को बनाए रखने तथा बच्चों और युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को बेहतर संस्कार और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना परिवार, समाज और स्थानीय नेतृत्व की साझा जिम्मेदारी है। बैठक में धर्म, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने लोगों से अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक एवं प्रतिबद्ध रहने की अपील की। साथ ही विभिन्न सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए संवाद, सहयोग और जनजागरण को प्रभावी माध्यम बताते हुए इन पर विशेष बल दिया गया। मुखिया प्रियंका देवी ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द का वातावरण कायम है और सभी समुदायों के लोग आपसी सहयोग एवं सद्भाव के साथ जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति एक गंभीर चुनौती है तथा इसके निराकरण के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। बैठक के समापन पर उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण, सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों और जनसहभागिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है।










