

ग्रामीणों ने जल्द नई टंकी लगाने की मांग उठाई, संवेदक बोले- दो से चार दिन में बहाल होगी व्यवस्था।
जिला ब्यूरो विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट..
बेतिया/वाल्मीकिनगर। वाल्मीकिनगर: थाना क्षेत्र के लवकुश घाट गांव के वार्ड संख्या 12 में हल्की आंधी और बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक विशालकाय सेमल प्रजाति का पेड़ जड़ से उखड़कर जल-नल योजना की पानी की टंकी पर जा गिरा। इस घटना में टंकी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गांव में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ गई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों पुराना सेमल का पेड़ अचानक धराशायी हो गया और सीधे पानी की टंकी पर गिर पड़ा। पेड़ का आकार इतना बड़ा था कि टंकी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और जलापूर्ति व्यवस्था तत्काल प्रभावित हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना संबंधित विभाग और प्रशासन को दिए जाने के बावजूद अब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में पानी की आपूर्ति बंद होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। घरों तक नल का जल नहीं पहुंच रहा है, जिसके कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त टंकी को हटाकर शीघ्र नई टंकी लगाने तथा वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि गर्मी अभी और बढ़ने वाली है, ऐसे में पेयजल संकट गंभीर रूप ले सकता है। छिटपुट बारिश के बाद एक बार फिर तेज धूप और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस संबंध में जल-नल योजना के संवेदक मणिलाल साह ने बताया कि क्षतिग्रस्त टंकी को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई टंकी लगाने में लगभग दो से चार दिन का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि टंकी स्थापित होते ही जलापूर्ति पुनः शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल गांव के लोग प्रशासन और विभागीय कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक नई टंकी नहीं लगती, तब तक पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।










