गर्मी से राहत का ठिकाना बना गंडक बराज, ठंडी हवाएं, बहती गंडक नदी और हरियाली के बीच सुकून तलाशने पहुंच रहे पर्यटक।

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सूर्योदय और सूर्यास्त का अद्भुत नजारा बना आकर्षण का केंद्र

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर: भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए लोग इन दिनों प्राकृतिक और शांत वातावरण वाले पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ऐतिहासिक गंडक बराज गर्मियों के मौसम में पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। गंडक नदी के किनारे बसा यह रमणीय स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शीतल हवाओं और चारों ओर फैली हरियाली के कारण लोगों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।
गंडक बराज पहुंचते ही पर्यटकों का स्वागत बहती गंडक नदी की मधुर कल-कल ध्वनि, ताजगी भरी हवाएं और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य करते हैं। आसपास के क्षेत्रों के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल के विभिन्न इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। परिवार, मित्र समूह और युवा वर्ग प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने के साथ-साथ यादगार तस्वीरें और वीडियो बनाकर अपनी यात्रा को खास बना रहे हैं।
सप्ताहांत, विशेषकर शनिवार और रविवार को यहां पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। बच्चे नदी किनारे खेलते नजर आते हैं, जबकि युवा सोशल मीडिया के लिए रील और वीडियो बनाने में व्यस्त दिखाई देते हैं। कई परिवार यहां पिकनिक मनाने और दिनभर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं।


गंडक बराज की भौगोलिक स्थिति इसे और भी विशेष बनाती है। एक ओर गंडक नदी का शांत किनारा है तो दूसरी ओर नियंत्रण कक्ष की भव्य इमारत और ऐतिहासिक बराज की संरचना पर्यटकों को आकर्षित करती है। नेपाली क्षेत्र में स्थित विशाल पहाड़ का प्रतिबिंब जब गंडक नदी के शांत जल में दिखाई देता है, तो दृश्य किसी स्वर्गिक चित्र जैसा प्रतीत होता है। यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा अपने आप में अनूठा और अविस्मरणीय होता है।


रात्रि के समय गंडक बराज के शांत जलाशय में विद्युत रोशनी का प्रतिबिंब एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है, जो लोगों को मुंबई के मैरीन ड्राइव की याद दिला देता है। वहीं सर्दियों के मौसम में यहां से हिमालय पर्वत श्रृंखला का दीदार पर्यटकों को कश्मीर की वादियों जैसी अनुभूति कराता है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सकारात्मक प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। बराज के आसपास स्थित दुकानों पर अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है। आइसक्रीम, शीतल पेय और स्थानीय व्यंजनों की बिक्री में वृद्धि होने से छोटे कारोबारियों को लाभ मिल रहा है। वाल्मीकिनगर पहले से ही अपने वन क्षेत्र, वन्यजीवों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन अब गंडक बराज भी एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यहां पर्यटन सुविधाओं का और विस्तार किया जाए, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।

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