

ग्रामीणों ने दौड़कर बचाई जान, इलाके में दहशत
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- थाना क्षेत्र में मानव और वन्यजीव संघर्ष की एक और खौफनाक घटना सामने आई है। जंगल से सटे खेत में गए एक किसान पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। भालू ने किसान के चेहरे, सिर और सीने पर बेरहमी से हमला किया, जिससे उसका जबड़ा तक क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के गोनौली वन क्षेत्र अंतर्गत सखुअनवा गांव निवासी 50 वर्षीय रंजीत उरांव मंगलवार की दोपहर अपने खेत को देखने सखुअनवा सरेह गए थे। उनका खेत जंगल के बिल्कुल किनारे स्थित है। बताया जाता है कि खेत पहुंचते ही झाड़ियों में छिपे एक भालू ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। अचानक हुए हमले से किसान संभल नहीं सके और जान बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे। भालू ने किसान पर इतनी बेरहमी से हमला किया कि उनके सिर के बाएं हिस्से, चेहरे और सीने पर गंभीर जख्म हो गए। हमले में उनका जबड़ा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायल किसान की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह भालू को वहां से भगाया। लोगों को आता देख भालू वापस जंगल की ओर भाग निकला।
इसके बाद गंभीर रूप से घायल किसान को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरनाटांड़ पहुंचाया गया। वहां मौजूद चिकित्सक डॉ. राजेंद्र काजी ने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टर ने बताया कि किसान के सिर, चेहरे और सीने पर गहरे जख्म हैं तथा जबड़ा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल बगहा रेफर कर दिया गया। घटना के बाद सखुअनवा गांव समेत जंगल से सटे इलाकों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर जंगली जानवर खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। किसानों ने वन विभाग से जंगल किनारे बसे गांवों में गश्त बढ़ाने, जंगली जानवरों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।










