

“मरीजों की सुरक्षा और दवा की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं”
दुकानदारों ने सरकार से सख्त नियम लागू करने की मांग की
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- थाना क्षेत्र के विभिन्न बाजारों में दवा व्यवसाय करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों ने बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में अपनी दुकानों का शटर डाउन कर टंकी बाजार में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दवा व्यवसायियों ने मरीजों की सुरक्षा, दवा की गुणवत्ता और छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण लगाने की मांग उठाई।
दोपहर के समय अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दवा व्यवसायी शशिकांत गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते चलन से स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बड़ी ई-फार्मेसी कंपनियां भारी छूट देकर ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं, जिससे छोटे दुकानदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दवा केवल व्यापार नहीं बल्कि मरीजों के जीवन से जुड़ा संवेदनशील विषय है, इसलिए इसकी बिक्री में कड़े नियम आवश्यक हैं। दवा संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना उचित सत्यापन के डॉक्टर की पर्ची पर दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं। विशेष रूप से एंटीबायोटिक दवाओं की अनियंत्रित बिक्री से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ रहा है, जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकता है। व्यवसायियों ने नकली और घटिया दवाओं के खतरे को भी गंभीर मुद्दा बताया। उनका कहना था कि ऑनलाइन खरीदी गई दवाओं के स्रोत और गुणवत्ता की पूरी तरह पुष्टि कर पाना कठिन होता है। इससे जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके अलावा एआई जनरेटेड या फर्जी डॉक्टर पर्चियों के इस्तेमाल की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे दवाओं के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है। प्रदर्शन के दौरान दवा संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सरकार से मांग की कि मरीजों की सुरक्षा और दवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू किए जाएं। इस मौके पर राजू गुप्ता, रतन गुप्ता, गणेश प्रसाद, बिट्टू जायसवाल, धनंजय केसरी एवं अहमद हुसैन साधु मुखिया सहित कई दवा व्यवसायी मौजूद रहे।










