वाल्मीकिनगर में अनोखी कलश यात्रा ने बांधा समां।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर: वाल्मीकिनगर में मंगलवार को भक्ति और देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान गोपाल कुमार के आवास से 24 घंटे के अखंड राम नाम संकीर्तन के लिए भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ राष्ट्रप्रेम का भी अनूठा संदेश दिया, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। कलश यात्रा की सबसे खास बात रही इसमें शामिल 151 कन्याएं, जिन्होंने सिर पर कलश लेकर नारायणी नदी के कालीघाट से पवित्र जल भरा। इस दौरान तिरंगा और भगवा झंडे एक साथ लहराते नजर आए, जो श्रद्धा और देशभक्ति के संगम का प्रतीक बने। यात्रा के दौरान “जय श्री राम” और “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों से पूरा वाल्मीकिनगर गुंजायमान हो उठा। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। लगभग एक हजार से अधिक लोगों की सहभागिता ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया। महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग—सभी ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस यात्रा में भाग लिया। नारायणी नदी के कालीघाट पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश में जल भरने की प्रक्रिया संपन्न हुई। धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न इस अनुष्ठान के बाद सभी श्रद्धालु यज्ञ स्थल की ओर लौटे, जहां अखंड राम नाम संकीर्तन का शुभारंभ हुआ। यह संकीर्तन लगातार 24 घंटे तक चलेगा, जिसमें भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहेगा। इस आयोजन की एक और विशेषता यह रही कि इसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। इससे सामाजिक समरसता और एकता का संदेश भी प्रसारित हुआ। आयोजनकर्ता एसएसबी जवान गोपाल कुमार ने कहा कि “भक्ति और देशभक्ति दोनों ही हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं। जब ये दोनों एक साथ आते हैं, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।”24 घंटे तक चलने वाले इस अखंड संकीर्तन का समापन बुधवार को शाम 4 बजे पूर्णाहुति के साथ होगा। समापन अवसर पर प्रीतिभोज का आयोजन भी किया गया है, जिसमें स्थानीय लोगों को प्रसाद ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी मजबूती से प्रस्तुत कर गया।

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