

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- रविवार की देर शाम वाल्मीकिनगर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया, जब मिथिला के जनकपुर से निकला श्री राम जानकी समरसता रथ यहां पहुंचा। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेतृत्व में चल रहे इस रथ का स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। टंकी बाजार स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और पूरा वातावरण आस्था से सराबोर हो गया।
यह रथ सीता नवमी के अवसर पर जनकपुर मिथिला से रवाना हुआ है, जो बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए अयोध्या तक पहुंचेगा। इसका उद्देश्य सनातन धर्म के प्रति जागरूकता फैलाना और समाज में समरसता का संदेश देना है। रथ के आगमन पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। दुर्गा स्वरूपा कन्याओं का पूजन कर उनके पांव पखारे गए। इस पावन जल को श्रद्धालुओं के बीच चरणामृत के रूप में वितरित किया गया। बजरंग दल के पंचायत अध्यक्ष शुभम कुमार सिंह ने बताया कि कन्याएं माता दुर्गा और सीता का स्वरूप मानी जाती हैं, इसलिए उनका पूजन विशेष महत्व रखता है। इस आयोजन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति की अनुभूति हुई। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्यों ने नारायणी नदी के कालीघाट पर पहुंचकर गंगा पूजन और महा आरती का आयोजन किया। श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर मां नारायणी की आराधना की और वातावरण को भक्ति से भर दिया। बजरंग दल के सदस्य मुरारी कुमार ने बताया कि नारायणी नदी में भगवान विष्णु शालिग्राम रूप में विराजमान हैं, जो इसे अत्यंत पवित्र बनाता है। सोमवार की सुबह भजन-कीर्तन और विधिवत पूजा के बाद समरसता रथ को आगे के लिए रवाना किया गया। यह रथ गंडक पार कर मधुबनी और भितहा होते हुए अयोध्या की ओर प्रस्थान कर गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने रथ पर सुसज्जित भगवान राम, माता सीता और हनुमान की प्रतिमाओं के दर्शन कर नमन किया और “धर्म की जय हो” के नारे लगाए। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के प्रेम कुमार, संजय कुमार, संतोष रौनियार समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और एकता का अद्भुत संदेश दिया।










