

नया बस्ती में स्कूल की मांग तेज, रैली निकाल ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया।
लौरिया से दीपक सिंह की रिपोर्ट
लौरिया। लौरिया प्रखंड के नवका टोला बसवरिया स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का भूमि निबंधन वर्षों से लंबित रहने के कारण क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। वर्ष 2013 में गबनाहा निवासी मनोज प्रसाद द्वारा विद्यालय निर्माण हेतु 1 कट्ठा भूमि दान दी गई थी, लेकिन अब तक उसका निबंधन राज्यपाल के नाम से नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार उक्त भूमि पर आंशिक रूप से शौचालय (बाथरूम) का निर्माण कर उसे अधूरा छोड़ दिया गया है, साथ ही निर्माण सामग्री के रूप में अलबेस्टर भी वहीं पड़ा हुआ है, जिससे भूमि अनुपयोगी बनी हुई है। निबंधन लंबित रहने के कारण विद्यालय को गबनाहा में समायोजित कर दिया गया है, जिससे छोटे बच्चों को प्रतिदिन लगभग 3.5 किलोमीटर दूरी तय कर नरकटियागंज मार्ग पार कर स्कूल जाना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और अभिभावकों में भय का माहौल है। करीब 1000 की आबादी वाले इस दलित बहुल गांव में नामांकन घटकर मात्र 130 रह गया है, जबकि चार शिक्षक कार्यरत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और वे शिक्षा के अधिकार से वंचित हो रहे हैं।

इसी मुद्दे को लेकर रविवार को नया बस्ती में समाजसेवी मोहम्मद गौरी खान की अगुवाई में बैठक आयोजित की गई, जिसमें अंजर, सज्जाद, आलमगीर, इस्लाम, मेराज, इम्तेयाज मास्टर, वजीर, अनारुल, सनाउल्लाह, तीमाल, गयासुद्दीन समेत मुन्नी खातून, तहलीमा खातून, जमीला खातून व मिसरून खातून सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। देवराज मददगार कमिटी के अमजद अली, अबसार हुसैन, शाहिद हुसैन, साहिर जुल्फेकार व संदीप शर्मा ने भी समर्थन दिया। बैठक के बाद जागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों ने नया बस्ती में शीघ्र स्कूल स्थापना की मांग की। गौरी खान ने कहा, “शिक्षा हमारा अधिकार है, प्रशासन को अविलंब पहल कर बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना होगा।” ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र भूमि निबंधन व नए विद्यालय की स्थापना की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।










