बेदखली पर मचा बवाल, भूमि अधिकार की मांग तेज, हजारों परिवारों पर संकट।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- भूमि अधिकार और आजीविका से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद होने लगी है। वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने मुख्यमंत्री को स्मार-पत्र सौंपकर बेतिया राज भूमि, वन भूमि और सीमावर्ती सरकारी जमीनों पर पीढ़ियों से बसे लोगों के अधिकारों की रक्षा की मांग की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हजारों परिवारों को बेदखल करना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह संवैधानिक मूल्यों के भी खिलाफ है। गुप्ता ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि सिंचाई विभाग एवं बेतिया राज की जमीन पर दशकों से रह रहे हजारों परिवार आज भी मालिकाना हक से वंचित हैं। आजादी के बाद जहां बिहार के अन्य हिस्सों में जमींदारी उन्मूलन के तहत लोगों को भूमि अधिकार दिए गए, वहीं बेतिया राज क्षेत्र में “कोर्ट ऑफ वार्ड्स” व्यवस्था के कारण यह प्रक्रिया अधूरी रह गई। अब जब यह जमीन राज्य सरकार के अधीन आ चुकी है, तब वहां बसे लोगों को अतिक्रमणकारी बताकर बेदखली नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बेतिया चेक पोस्ट के करीब 500 दुकानदारों का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्षों से व्यापार कर रहे इन लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। अचानक नोटिस मिलने से उनके सामने जीवनयापन का गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। वन भूमि से जुड़े मामलों पर भी गुप्ता ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बगहा-2 प्रखंड के महुअवा और नौरंगिया पंचायत के कोतरहाँ क्षेत्र में सैकड़ों आदिवासियों और पारंपरिक वनवासियों को हाल ही में बेदखल किया गया। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान फसलों को नष्ट किया गया और कई घरों को भी तोड़ दिया गया। उन्होंने इसे वन अधिकार कानून 2006 का खुला उल्लंघन बताया। साथ ही यह भी कहा कि जिले में अब तक ग्राम वन अधिकार समिति का गठन नहीं होना बड़ी लापरवाही है, जिससे हजारों लोगों को उनका वैध अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
इसके अलावा सिकटा प्रखंड के भिस्वा बॉर्डर चौक पर 40 से अधिक दुकानदारों और निवासियों को भी जमीन खाली करने का नोटिस दिया गया है, जबकि अधिकांश की जमीन का बंदोबस्ती 1965-66 में ही हो चुका है। ऐसे में उन्हें अतिक्रमणकारी घोषित करना पूरी तरह अनुचित और अवैध बताया जा रहा है। वाल्मीकिनगर क्षेत्र का जिक्र करते हुए गुप्ता ने कहा कि यहां भी हजारों परिवार पीढ़ियों से रह रहे हैं, लेकिन उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए इन सभी परिवारों को वैध भूमि अधिकार दिए जाएं। अंत में गुप्ता ने मुख्यमंत्री से अपील की कि सभी बेदखली कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाई जाए और प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी पुनर्वास तथा आजीविका की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।

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