बिहार की बेटी और इटली के इंजीनियर की प्रेम कहानी, रोम से वाल्मीकिनगर तक का यादगार सफर,

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प्यार की डोर में बंधा इटालियन परिवार, वीटीआर की वादियों में बिताए सुनहरे पल।

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर : पश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, वन्यजीवों की विविधता और शांत वातावरण के कारण देश ही नहीं, बल्कि विदेशों के पर्यटकों के बीच भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक यहां पहुंचकर प्रकृति और वन्यजीवों के करीब होने का अनुभव प्राप्त करते हैं। इसी कड़ी में इटली से आया एक परिवार इन दिनों वाल्मीकिनगर भ्रमण को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। इटली के रोम शहर की रहने वाली 60 वर्षीय मारिया बोस्टन अपने पुत्र पायलो मैट्जी और बहू नेहा रानी के साथ तीन दिवसीय प्रवास पर वाल्मीकिनगर पहुंचीं। वन विभाग के जंगल कैंप में ठहरने के दौरान उन्होंने वीटीआर की मनमोहक प्राकृतिक छटा का आनंद लिया। परिवार ने स्थानीय व्यंजनों और वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए भोजन का स्वाद भी चखा, जिसकी उन्होंने खुलकर प्रशंसा की। भ्रमण के दौरान परिवार जंगल सफारी पर निकला। सफारी के समय मोटर अड्डा वन क्षेत्र में उन्हें भालुओं का एक झुंड दिखाई दिया। जंगली भालुओं को इतने करीब से देखकर पूरा परिवार रोमांचित हो उठा। उन्होंने इस यादगार पल को कैमरे में कैद किया और बताया कि यह अनुभव उनके जीवन के सबसे खास और अविस्मरणीय क्षणों में शामिल हो गया है। मारिया बोस्टन ने कहा कि वाल्मीकिनगर का स्वच्छ वातावरण, हरियाली और वन्यजीवों की मौजूदगी इसे दुनिया के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में शामिल करती है। सॉफ्टवेयर कंपनी में हुई मुलाकात, फिर प्यार और शादी इस यात्रा का सबसे दिलचस्प पहलू पायलो मैट्जी और उनकी पत्नी नेहा रानी की प्रेम कहानी है। पश्चिम चंपारण जिले के लौकरिया थाना क्षेत्र के छतरौल गांव की रहने वाली नेहा रानी और इटली के नागरिक पायलो मैट्जी एक ही कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। काम के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। वर्ष 2025 में शुरू हुई यह प्रेम कहानी उसी वर्ष नवंबर में विवाह के पवित्र बंधन में बंध गई। शादी के बाद पहली बार नेहा अपने पति और सास के साथ अपने मायके छतरौल गांव पहुंची हैं। परिवार और रिश्तेदारों के लिए बहुभोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसी दौरान इटालियन परिवार ने वाल्मीकिनगर भ्रमण का कार्यक्रम बनाया और जंगल कैंप में ठहरकर वीटीआर की खूबसूरती का आनंद लिया। किसान परिवार की बेटी बनी अंतरराष्ट्रीय प्रेम कहानी की मिसाल नेहा रानी एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से संबंध रखती हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पुणे में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं। नेहा ने बताया कि उन्होंने और पायलो ने अपनी इच्छा से विवाह किया है और दोनों अपने वैवाहिक जीवन में बेहद खुश हैं। प्रेम, संस्कृति और प्रकृति के अद्भुत संगम की यह कहानी इन दिनों वाल्मीकिनगर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं इटली से आए इस परिवार की यात्रा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की खूबसूरती और आकर्षण सीमाओं से परे जाकर दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर खींच रहा है।

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