ईडीसी के साथ वन विभाग की बैठक में जंगल को आग से बचाने का लिया संकल्प।

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जिला ब्यूरो विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन प्रमंडल दो में आज से फायर सीजन की औपचारिक शुरुआत हो गई है। जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से वन विभाग ने जमीनी स्तर पर सक्रिय पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार की सुबह वाल्मीकिनगर रेंज अंतर्गत संतपुर गांव में नवगठित ईको विकास समिति (ईडीसी) के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व वनपाल आशीष कुमार एवं सूरज कुमार ने किया। इस अवसर पर नवगठित ईडीसी अध्यक्ष संतोष काजी, केदार काजी, शंभू काजी, गुमास्ता, वंशराज महतो सहित वनरक्षी सुनील कुमार और सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जंगलों में संभावित आग की घटनाओं की रोकथाम एवं उससे निपटने के उपायों पर विस्तृत चर्चा करना था। वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 फरवरी से वन विभाग का फायर सीजन प्रारंभ हो चुका है। इस दौरान जंगलों में सूखी पत्तियों और तेज हवाओं के कारण आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि वन संपदा और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। विभाग के वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार ईडीसी अध्यक्ष संतोष काजी की अध्यक्षता में समिति के सदस्यों के साथ आग से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जंगल के आसपास खेतों की सफाई के दौरान आग का प्रयोग न करें। यदि कहीं आग की छोटी सी भी घटना दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के सहयोग के बिना जंगल को सुरक्षित रखना संभव नहीं है।

ईको विकास समिति को विभाग से मिलते हैं लाभ

जंगल क्षेत्र से सटे गांवों में वन विभाग द्वारा ईको विकास समिति का गठन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य वन संरक्षण में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके बदले वन विभाग गांव के विकास में सहयोग करता है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना, लड़कियों को सिलाई मशीन देना, सार्वजनिक टेंट की व्यवस्था करना तथा पशुपालन के लिए सहयोग प्रदान करना जैसे कई लाभ ईडीसी के माध्यम से दिए जाते हैं।
इस पारस्परिक सहयोग से ग्रामीण वन विभाग के साथ मिलकर जंगल की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

आदिवासी बहुल गांवों में ईडीसी की अहम भूमिका

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे आदिवासी बहुल गांवों में ईडीसी विशेष रूप से सक्रिय है। इन गांवों के विकास के लिए सरकार और वन विभाग द्वारा विशेष पैकेज भी दिया जाता है। जंगल सफारी संचालन से लेकर जंगल कैंप में संचालित वनभोज गृह तक का संचालन आदिवासी समुदाय के माध्यम से कराया जाता है। ईडीसी का अध्यक्ष ही कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी संभालता है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं। बैठक के माध्यम से वन विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फायर सीजन के दौरान जंगल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीणों के सहयोग और जागरूकता से ही वन संपदा और वन्य जीवों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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