



सांस्कृतिक व सेवा कार्यक्रमों से गूंजा वाल्मीकिनगर
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:-‘वंदे मातरम्’ गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर सशस्त्र सीमा बल की 21वीं वाहिनी, बगहा द्वारा देशभक्ति और जनसेवा से ओत-प्रोत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश शर्मा, कार्यवाहक कमांडेंट के दूरदर्शी नेतृत्व में 21वीं वाहिनी बगहा से वाल्मीकिनगर तक एक प्रेरणादायी बाइक रैली निकाली गई। इस रैली का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में देशभक्ति की भावना को प्रबल करना तथा ‘वंदे मातरम्’ गीत के ऐतिहासिक और वैचारिक महत्व से जनमानस को अवगत कराना था। बाइक रैली के दौरान जवानों ने अनुशासन, एकता और राष्ट्रप्रेम का अद्भुत परिचय दिया। देशभक्ति नारों और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रैली के वाल्मीकिनगर पहुंचने के बाद नदी घाटी योजना उच्च विद्यालय के प्रांगण में सांस्कृतिक एवं खेलकूद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेलकूद प्रतियोगिताओं में नदी घाटी योजना उच्च विद्यालय की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था। एसएसबी की ओर से बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कार भी प्रदान किए गए, जिससे उनमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता जनसेवा से जुड़े आयोजन रहे। आम जनमानस की चिकित्सा सुविधा हेतु मानव चिकित्सा शिविर तथा पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में स्थानीय लोगों और पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार का लाभ उठाया। सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की सेवाओं को लोगों ने अत्यंत सराहा। इस अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश शर्मा, विशाल कुमार (उप कमांडेंट) 21वीं वाहिनी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में रमेश महतो (मुखिया प्रतिनिधि) संतपुर सोहरिया, रंजीत कुमार, विनय कुमार (कृषि वैज्ञानिक), विजय झा, सत्येंद्र सिंह, सुमन देवी, प्रमुख रूप से शामिल रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ‘वंदे मातरम्’ गीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा और देशभक्ति की भावना का प्रतीक है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत ने भारतीयों को अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और आत्मसम्मान पर गर्व करना सिखाया। इस प्रेरणादायी आयोजन ने सीमावर्ती क्षेत्र में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सहभागिता और जनसेवा की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।










