



जंगल सफारी के दौरान एकलव्य कोचिंग संस्थान के छात्रों ने भालू, गौर और हिरण की उछल कूद देख हुए प्रफुल्लित।
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह,
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- बिहार का कश्मीर वाल्मीकिनगर आजकल पर्यटन बढ़ावा को लेकर चर्चा में है। यहां की प्राकृतिक सौंदर्यता को देखने के लिए देश-विदेश से प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में सैलानी अपने परिवार और मित्रों के साथ पहुंचते हैं। बिहार सरकार द्वारा विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को शैक्षणिक परिभ्रमण पर ले जाने की योजना है। जिसके कारण जल जंगल और पहाड़ की सुंदरता को देखने व वन्यजीवों का दीदार करने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे पहुंच रहे हैं। गुरुवार की सुबह सिवान में संचालित एकलव्य कोचिंग सेंटर के सैकड़ो छात्र छात्राओं ने वन भ्रमण के लिए जंगल सफारी किया। इस दौरान बच्चों को जंगल में उछल कूद करते हिरण अटखेलियां करता भालू और गौर का झुंड दिखाई दिया। इन जंगली जानवरों को देखते ही बच्चे आनंदित हो गए। जंगल कैंप में पहुंचने पर बच्चों ने अपनी खुशी का इजहार किया। कोचिंग संस्थान के एचडी आरपी सिंह ने कहा कि जंगल सफारी करने को लेकर बच्चे बहुत उत्साहित थे। उन्होंने कुछ वन्य जीवों को देखा, हमारी यात्रा सफल रही। बाघ का दीदार नहीं हुआ, लेकिन अन्य जीवों का दीदार हमारे लिए अच्छा रहा।
वाल्मीकि आश्रम तक बच्चों ने किया पैदल मार्च
सिवान से आए छात्र-छात्राओं ने जंगल सफारी करने के बाद ऐतिहासिक लव कुश की जन्मस्थली, महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि और माता सीता के पताल गमन स्थल पर भ्रमण करने के लिए पैदल पहुंच गए। वहां जाकर बच्चों ने घोड़ा बांधने वाला खंभा, महर्षि वाल्मीकि की हवन स्थली एवं सिलवट्टे देखकर अचंभित हो रहे थे। वाल्मीकि आश्रम में उपस्थित नेपाल के नागरिकों से बच्चों ने कई जानकारियां हासिल की।
सेल्फी पॉइंट पर बच्चों ने लिया सेल्फी
जंगल कैंप में बाघ और हिरण के लगाए गए प्रतिरूप वन विभाग द्वारा पर्यटकों के लिए सेल्फी प्वाइंट के रूप में स्थापित किया गया है। जहां पर्यटक अपने मित्रों एवं परिवार के साथ सेल्फी ले यहां की यादों को संग्रह कर अपने साथ ले जाते हैं। छात्र-छात्राओं ने भी इको पार्क कालेश्वर झूला का आनंद लेने के बाद सेल्फी प्वाइंट के पास खुद का सेल्फी लेने से पीछे नहीं रहे।










