



जिला व्यूरो, विवेक कुमार सिंह,
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- इन दिनों थारु बाहुल्य क्षेत्र में काले आलू की फसल लहलहा रही है। दरुआबारी के किसान रमेश महतो ने बताया कि काला आलू का बीज लेकर अपने खेतों में लगाये है। प्रयोग के तौर पर काले आलू की फसल लगाई गई है, जो कई औषधीय गुणों को समेटे हुए है। इसमें कैंसर से प्रतिरोध के गुण भी मौजूद हैं। एंटी ऑक्सीडेंट सामान्य आलू से तीन गुना है।लिहाजा स्वादिष्ट भी है और कई खूबियों से भरपूर भी है। यहां के किसानों के लिए काले आलू के खेती एक नई संभावना भरे क्षेत्र के द्वार खोल सकता है।अभी प्रयोग के तौर पर बीज मंगाया गया है। इसकी कीमत 200 रूपए प्रति किलो है। इस बाबत बीज विक्रेता उपरी शिविर निवासी संजीव कुमार बताया कि आलू का उत्पादन सामान्य आलू से लगभग तीन गुणा अधिक होता है। इसका पत्ता आम आलू से छोटा होता है। काले आलू का ऊपरी सतह काला तो अंदर का भाग बैंगनी होता है। इसमें एंथोसायनिन की मात्रा ज्यादा होती है, जो इसे गहरा बैंगनी रंग देता है। काले आलू में सामान्य आलू की तुलना में दो से तीन गुना अधिक एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं। इसलिए ये खाने में भी स्वादिष्ट लगता है।

कई रोगों से लड़ने की है क्षमता
काला आलू स्वादिष्ट होने के साथ ही औषधीय गुणों से भी भरपूर है। इस कारण मधुमेह के मरीज भी इसे खा सकते हैं। साथ ही इसमें कैंसर रोधी गुण भी होते हैं। हार्ट के लिए भी यह अच्छा माना जाता है। आम आलू की तुलना में इसकी पैदावार भी ज्यादा होती है।लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स के कारण यह मधुमेह रोगियों के लिए सुरक्षित है।
कृषि वैज्ञानिक विनय सिंह ने बताया कि काले आलू में एंथोसायनिन और पोटैशियम की अधिकता होती है, जो प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला एंटी ऑक्सीडेंट होता है। इसमें कार्सेजेनिक भी होता है, जो कैंसर से सुरक्षा देता है।
इसमें विटामिन, आयरन, जिंक, मिनरल्स के साथ ही फ्लोरिक एसिड, कॉपर, मैंगनीज और फाइबर जैसे औषधीय तत्व भी होते हैं। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह सुरक्षित है। हाई फाइबर होने के कारण हृदय रोगियों के लिए भी फायदेमंद है।
पौष्टिक गुण
यह आलू स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट, आयरन और विटामिन बी-6 भरपूर मात्रा में होते हैं। यह शुगर फ्री होता है और सामान्य आलू की तुलना में मधुमेह रोगियों के लिए एक अच्छा विकल्प है।










