उम्र नहीं बनी बाधा, हस्तशिल्प सीख बदल रहे जीवन के रंग, वृद्धाश्रम “सहारा” में वरिष्ठ नागरिकों ने सीखा पेपर क्राफ्ट, स्किल डेवलपमेंट से बढ़ा आत्मविश्वास।

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जिला ब्यूरो विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट..

बेतिया। सीखने की कोई उम्र नहीं होती और सृजन की ऊर्जा कभी समाप्त नहीं होती। इसी सोच को साकार करते हुए समाज कल्याण विभाग बिहार सरकार द्वारा संचालित बेतिया बड़ा रमना स्थित वृद्धाश्रम “सहारा” में वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत पेपर क्राफ्ट प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वृद्धजनों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लेते हुए यह साबित कर दिया कि नई शुरुआत के लिए उम्र मायने नहीं रखती। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आरोही कला संस्कृति वेलफेयर ट्रस्ट के सहयोग से किया गया। इसमें वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों को पेपर बैग और ठोंगा बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बुजुर्ग रंग-बिरंगे कागजों से उपयोगी वस्तुएं बनाते नजर आए। कई वरिष्ठ नागरिकों ने पहली बार इस तरह का हस्तशिल्प कार्य सीखते हुए खुशी जाहिर की।

उमंग बल विकास आवासीय विकलांग प्रशिक्षण संस्थान, पटना द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने बताया कि पेपर क्राफ्ट जैसी रचनात्मक गतिविधियां न केवल मानसिक रूप से सक्रिय बनाए रखती हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देती हैं। प्रशिक्षकों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी यह कौशल बेहद उपयोगी है, क्योंकि इससे प्लास्टिक के उपयोग को कम करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बुजुर्गों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से समय का सदुपयोग होता है और मन भी प्रसन्न रहता है। हस्तशिल्प सीखने के दौरान वृद्धजनों के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। कई बुजुर्गों ने कहा कि लंबे समय बाद उन्हें कुछ नया सीखने और अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिला है। मौके पर उपस्थित अतिथियों ने कहा कि वृद्धजनों को केवल देखभाल ही नहीं, बल्कि सम्मान और रचनात्मक अवसर भी मिलना चाहिए। ऐसे कार्यक्रम उन्हें समाज से जोड़ने, अकेलेपन को दूर करने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके अनुभवों को नई ऊर्जा के साथ जोड़ना समय की जरूरत है।

कार्यक्रम में वृद्धाश्रम “सहारा” के अधीक्षक आदित्य मधुकर, आरोही कला संस्कृति वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रभात झा, लक्ष्य ह्यूमन डेवलपमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष कुंदन शांडिल्य, मास्टर ट्रेनर संतोष आनंद, अंबुज अनुपम एवं अंशुमान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही गई।

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