

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर :- प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व के लिए विख्यात पर्यटन नगरी वाल्मीकिनगर अब अपनी बदहाल सड़कों की समस्या से जल्द निजात पाने जा रही है। वर्षों से जर्जर पड़ी तीन प्रमुख सड़कों के पुनर्निर्माण की दिशा में जल संसाधन विभाग ने ठोस कदम उठाया है। करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से इन मार्गों के कायाकल्प का प्रस्ताव तैयार कर मुख्य अभियंता के माध्यम से विभागीय मुख्यालय पटना भेज दिया गया है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां स्थित गोल चौक पर महर्षि वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा हर आगंतुक का ध्यान अपनी ओर खींचती है। इसके बावजूद, गोल चौक से जंगल कैंप तक जाने वाले तीनों मुख्य मार्गों की खराब स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई थी। टूटी-फूटी सड़कों के कारण न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही थी, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
गोल चौक से जंगल कैंप तक पहुंचने के लिए तीन प्रमुख रास्ते हैं। पहला मार्ग कालीघाट होते हुए गुजरता है, दूसरा जल संसाधन विभाग कार्यालय के रास्ते जाता है, जबकि तीसरा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बेलवा घाट होते हुए जंगल कैंप तक पहुंचता है। इन तीनों मार्गों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई जगहों पर सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ गई है और नीचे की मिट्टी व पत्थर बाहर आ गए हैं। खासकर कालीघाट मार्ग पर रात के समय आवागमन जोखिम भरा हो गया है। कार्यपालक अभियंता मोहम्मद इकबाल अनवर ने बताया कि सड़कों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेज दिया गया है और लक्ष्य है कि बरसात से पहले इन मार्गों को दुरुस्त कर लिया जाए। उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्व में सड़क निर्माण में संवेदक की लापरवाही के कारण सड़कें समय से पहले खराब हो गईं। इस मामले में संबंधित संवेदक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है और भुगतान पर रोक लगा दी गई है। अब नई टेंडर प्रक्रिया के तहत गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा। इस पहल से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वाल्मीकिनगर मुख्यमंत्री का पसंदीदा पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में सड़कों का बेहतर होना न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि राज्य की छवि को भी मजबूत करेगा। वहीं अधीक्षण अभियंता मोहम्मद जिलानी ने बताया कि सड़कों का निरीक्षण कर लिया गया है और मापी सहित सभी आवश्यक कागजी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए विभाग आवश्यक कदम उठाएगा। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप हुआ, तो आने वाले समय में वाल्मीकिनगर की सड़कें न सिर्फ स्थानीय निवासियों को राहत देंगी, बल्कि पर्यटन उद्योग को भी नई गति प्रदान करेंगी। बेहतर सड़कें यहां आने वाले पर्यटकों के अनुभव को और सुखद बनाएंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।










