

बेतिया/वाल्मीकिनगर: रामनवमी के पावन अवसर पर थाना क्षेत्र के सभी मंदिरों में सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया, जहां हर ओर “जय माता दी” और “जय श्रीराम” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। विशेष रूप से नर देवी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा, जहां हजारों की संख्या में लोग दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। लोग पूरी श्रद्धा और धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार करते हुए मां नर देवी के दर्शन कर रहे थे। महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी ने इस धार्मिक आयोजन को और भी भव्य बना दिया। हर चेहरे पर आस्था की झलक साफ दिखाई दे रही थी। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के सघन वन क्षेत्र में स्थित नर देवी मंदिर का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व भी इस अवसर पर खास आकर्षण का केंद्र रहा। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहां सच्चे मन से की गई पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही वजह है कि हर वर्ष रामनवमी के दिन यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। आसपास के गांवों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश एवं नेपाल के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। रामनवमी के दिन सुबह की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। श्रद्धालु प्रातःकाल से ही मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं और मां नर देवी से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिर परिसर में जगह-जगह हवन-पूजन धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया है। इस अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है, जो दूर से ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। मंदिर परिसर में सजी दुकानों पर प्रसाद, पूजन सामग्री और धार्मिक वस्तुओं की खरीदारी करते श्रद्धालु नजर आए। हर कोने में भक्ति की गूंज और उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में महिला और पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई है, वहीं स्वयंसेवक भी लगातार व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने में सहयोग कर रहे हैं। इससे पूरे आयोजन के दौरान शांति और व्यवस्था बनी रही। नर देवी मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह आस्था, विश्वास और परंपरा का जीवंत प्रतीक भी है। रामनवमी के इस पावन अवसर पर यहां उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि भक्तों की श्रद्धा और भगवान के प्रति उनकी आस्था आज भी उतनी ही गहरी और अटूट है।










