

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- बिहार के “कश्मीर” के नाम से प्रसिद्ध वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) आने वाले पर्यटकों के लिए वन विभाग और बिहार सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। अब यहां भ्रमण करने वाले सैलानी 6 नए जंगल सफारी वाहनों के जरिए जंगल की सैर कर सकेंगे। इससे न केवल सफारी की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि पर्यटकों को पहले से अधिक आरामदायक और सुरक्षित अनुभव भी मिलेगा। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर लंबे समय से अपनी प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीवों और शांत वातावरण के लिए पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा लगातार विकास कार्य भी किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गंडक नदी के किनारे आकर्षक पाथवे का निर्माण कराया गया है, वहीं वाल्मीकिनगर के प्रमुख स्थल गोल चौक पर महर्षि वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है।
अब वन विभाग द्वारा 6 नए जंगल सफारी वाहनों को शामिल किया गया है, जिससे पर्यटकों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी। पहले सफारी की संख्या कम होने के कारण लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। नए सफारी वाहनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पर्यटक धूप और बारिश से सुरक्षित रहते हुए भी जंगल के प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें।
वन विभाग के रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि इन नए सफारी वाहनों का निबंधन (रजिस्ट्रेशन) अभी प्रक्रियाधीन है। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, इन्हें पर्यटकों के लिए चालू कर दिया जाएगा। इसके बाद वीटीआर में जंगल सफारी का अनुभव और भी सुगम और रोमांचक हो जाएगा। गौरतलब है कि पहले वीटीआर में केवल 9 जंगल सफारी वाहन ही उपलब्ध थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इससे पर्यटकों को अब न केवल जल्दी सफारी मिलेगी, बल्कि वे बेहतर सुविधाओं के साथ जंगल की खूबसूरती और वन्यजीवों का दीदार भी कर सकेंगे। नए स्वरूप में तैयार किए गए ये सफारी वाहन आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जो सफर को और भी यादगार बनाते हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वन विभाग द्वारा अन्य कई बदलाव भी किए गए हैं। बेलवा घाट पर गजीबो हाउस (पर्यटक प्रतीक्षालय) का निर्माण किया गया है, जहां पर्यटक आराम कर सकते हैं। इसके अलावा जंगल कैंप परिसर में चलता हुआ हिरण और बाघ का आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है, जो खासकर युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है। साथ ही वन भोज गृह का भी नवीनीकरण किया जा रहा है। पहले इसका आकार छोटा था, लेकिन अब इसे विस्तारित कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जा रहा है, ताकि अधिक संख्या में पर्यटक यहां भोजन और विश्राम का आनंद ले सकें। कुल मिलाकर, नए सफारी वाहनों और विकसित सुविधाओं के साथ वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अब पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बन गया है। आने वाले समय में यहां पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे क्षेत्र के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।










