

लौरिया से अखिलेश उर्फ दीपक सिंह की रिपोर्ट..
लौरिया। लौरिया प्रखंड में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन ने किसान रजिस्ट्री अभियान को मिशन मोड में शुरू कर दिया है। अब किसानों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि सरकारी टीम खुद उनके घर पहुंचकर ऑन-द-स्पॉट फार्मर रजिस्ट्रेशन करेगी। पश्चिम चंपारण जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर (मंगलवार) 26 और 27 मई को पूरे प्रखंड में दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी केशव किशोर ने संयुक्त रूप से बताया कि अभियान के तहत विभिन्न विभागों के कर्मियों की टीम गांव-गांव जाकर किसानों का फार्मर रजिस्ट्री कर रही है। उद्देश्य यह है कि प्रखंड का एक भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए। अभियान को सफल बनाने के लिए प्रखंड कार्यालय में विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां जीविका दीदियां लगातार पंचायतों के किसानों से दूरभाष पर संपर्क कर उन्हें रजिस्ट्रेशन के लिए जागरूक कर रही हैं। किसानों को बताया जा रहा है कि वे किसान सलाहकार, अंचल कर्मी, प्रखंड कर्मी अथवा सीएससी केंद्र के माध्यम से भी अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, ताकि सरकार की सभी कृषि योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। बीडीओ संजीव कुमार ने कहा कि गन्ना किसानों के लिए किसान रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य कर दिया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन किसी किसान को किसान कोड जारी नहीं होगा और किसान कोड के बिना चीनी मिलों से पेराई पर्ची भी नहीं मिलेगी। ऐसे में सभी किसानों से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की गई है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी केशव किशोर ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए लौरिया चीनी मिल परिसर में विशेष कैंप लगाया गया है, जहां विभागीय कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसानों का रजिस्ट्रेशन आसानी और तेजी से हो सके। लौरिया प्रखंड ने किसान रजिस्ट्री अभियान में जिले में शानदार प्रदर्शन किया है। पीएम किसान योजना के 15,544 लाभार्थियों में से अब तक 10,501 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है, जिससे लौरिया जिला स्तर पर पहले स्थान पर पहुंच गया है। अभियान की मॉनिटरिंग खुद बीडीओ और प्रखंड कृषि पदाधिकारी कर रहे हैं। कर्मियों की कार्यप्रणाली और प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अभियान में लापरवाही या धीमी प्रगति पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।










