पछुआ हवा और झमाझम बारिश से बढ़ी ठंड, 20 मिमी वर्षा ने थामी रफ्तार, आज भी जंगल सफारी बंद

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में एक बार फिर मौसम के बदले तेवर ने लोगों को ठंड का एहसास करा दिया है। नेपाल के तराई इलाकों से लेकर भारतीय सीमा तक पिछले 24 घंटे से मौसम पूरी तरह करवट लिए हुए है। शुक्रवार सुबह से लेकर शनिवार दोपहर तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से क्षेत्र में अंधेरा और ठंडक का माहौल बना रहा। शनिवार सुबह से तेज पछुआ हवा के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों को फिर से गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान करीब 20 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पछुआ हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। तेज हवा और लगातार बारिश का सीधा असर जनजीवन पर देखने को मिला। बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य मार्ग, जो आम दिनों में काफी व्यस्त रहता है, बारिश के कारण वीरान नजर आया। लोग बेवजह घरों से बाहर निकलने से बचते रहे, जिससे बाजारों में भी सन्नाटा छाया रहा और व्यापारियों के कारोबार पर असर पड़ा।
लगातार दो दिनों की बारिश से कई जगहों पर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। सड़कों के किनारे पानी भर जाने और कीचड़ व फिसलन के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के इस बदलाव का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। कृषि वैज्ञानिक विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस समय हुई बारिश फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। गेहूं, आम, लीची, तेलहन और दलहन की फसलों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने किसानों को सतर्क रहने और फसलों की देखभाल के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है। वहीं पर्यटन क्षेत्र भी इस मौसम की मार से अछूता नहीं रहा। वाल्मीकिनगर में जंगल सफारी के लिए पहुंचे पर्यटकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। लगातार बारिश और फिसलन भरे रास्तों के कारण वन विभाग ने एहतियातन जंगल सफारी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। रविवार को भी सफारी बंद रहने की पुष्टि की गई है। पर्यटक अपने होटलों और ठहराव स्थलों में ही सीमित रहने को मजबूर हैं। शनिवार और रविवार आमतौर पर पर्यटन के लिहाज से सबसे व्यस्त दिन माने जाते हैं, लेकिन इस बार खराब मौसम ने वन विभाग की तैयारियों और पर्यटकों के उत्साह दोनों पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम विभाग के पर्यवेक्षक पंकज कुमार ने बताया कि अगले 24 घंटे तक मौसम में बड़े बदलाव की संभावना कम है। उन्होंने गरज के साथ बारिश जारी रहने और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई है। कुल मिलाकर, अचानक बदले मौसम ने जहां ठंड की वापसी करा दी है, वहीं जनजीवन, कृषि और पर्यटन पर व्यापक असर डाला है। अब लोगों की निगाहें मौसम के जल्द सामान्य होने पर टिकी हैं, ताकि दिनचर्या फिर से पटरी पर लौट सके।

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