

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के वन प्रमंडल एक, दो और तीन में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी वनकर्मियों में वेतन बढ़ोतरी को लेकर गहरी नाराज़गी देखी जा रही है। विभागीय आश्वासन के बावजूद अब तक मानदेय में कोई वृद्धि नहीं होने से आक्रोशित कर्मियों ने बैठक कर आगामी रणनीति तैयार की और अप्रैल माह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। वनकर्मियों की बैठक में विभागीय अधिकारियों पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया गया। दैनिक वेतन भोगी वन कर्मियों का कहना है कि पिछले दिसंबर माह में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने जनवरी से दैनिक वेतनभोगियों के वेतन में ₹5000 की बढ़ोतरी का आश्वासन दिया था। इस आश्वासन के बाद वनकर्मियों ने प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सूरज राम एवं जिला मंत्री जयप्रकाश तालुकदार ने बताया कि विभाग द्वारा न तो वेतन वृद्धि पर कोई निर्णय लिया गया है और न ही इस विषय पर चर्चा की जा रही है। इससे कर्मियों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि “हम लोग 24 घंटे ड्यूटी करते हैं, बावजूद इसके हमें लगभग 10 हजार रुपये तक का मानदेय मिलता है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद कम है।”उन्होंने आगे कहा कि वनकर्मी कठिन परिस्थितियों में अपनी सेवाएं देते हैं। जंगलों में ड्यूटी के दौरान जंगली जानवरों या वन अपराधियों से जान का खतरा बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से किसी प्रकार की सुरक्षा या आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाती है। ऐसी स्थिति में कर्मियों का मनोबल गिरना स्वाभाविक है। बैठक में वेतन बढ़ोतरी के अलावा अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर भी चर्चा की गई। वनकर्मियों ने 60 वर्ष की आयु तक सेवा का नियमितीकरण, सभी रेंजों में 8 घंटे की ड्यूटी तय करने तथा कार्य के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि यदि विभाग जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करता है, तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। वनकर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अप्रैल माह तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे वन क्षेत्र की सुरक्षा और संचालन पर असर पड़ सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। कुल मिलाकर, वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे पर विभाग और वनकर्मियों के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। अब देखना होगा कि विभाग समय रहते इस समस्या का समाधान करता है या फिर वनकर्मियों की हड़ताल से स्थिति और गंभीर हो जाती है।










