विश्व शांति की गूंज से भक्तिमय हुआ संगम तट, फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर नारायणी गंडकी महाआरती का आयोजन।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारत-नेपाल सीमा पर अवस्थित बेलवा घाट परिसर में 152वीं नारायणी गंडकी महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय न्यास स्वरांजलि सेवा संस्थान द्वारा आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ थरुहट के निर्माता एचेल थारू, समाजसेवी संगीत आनंद, राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजु देवी, आचार्य पंडित अनिरुद्ध द्विवेदी, स्वास्थ्यकर्मी कुमारी संगीता, धमाका फिल्म्स के निर्माता अरविंद अकेला सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
महाआरती के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, दीपों की जगमगाहट और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। संगम तट पर दीपों की रोशनी ने आध्यात्मिक आभा बिखेरी और श्रद्धालुओं ने मानव कल्याण, विश्व शांति एवं सुख-समृद्धि की कामना की। विश्व में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए विशेष रूप से शांति की प्रार्थना की गई।
मुख्य अतिथि एचेल थारू ने कहा कि वर्तमान समय में कई देशों में युद्ध जैसे हालात मानवता के लिए चिंता का विषय हैं। संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर संगीत आनंद ने कहा कि संघर्ष का माहौल पूरी दुनिया के लिए खतरनाक संकेत है। अंजु देवी ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का उल्लेख करते हुए मां नारायणी गंडकी से विश्व शांति की प्रार्थना की। स्वास्थ्यकर्मी कुमारी संगीता ने युद्ध में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और इको-फ्रेंडली होली मनाने का संकल्प लिया। महाप्रसाद की व्यवस्था जयकुमार गुप्ता एवं कुमारी संगीता द्वारा की गई। संस्था द्वारा हर पूर्णिमा को पर्यावरण संरक्षण और मानव सेवा के उद्देश्य से इस महाआरती का आयोजन किया जाता है, जो समाज में शांति, सद्भाव और मानवता का संदेश देता है।

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