



जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- बिहार का कश्मीर कहे जाने वाले वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में शनिवार और रविवार को पर्यटन का विशेष नजारा देखने को मिला। सप्ताहांत की छुट्टी के चलते वाल्मीकिनगर पर्यटकों से पूरी तरह गुलजार रहा। खासकर सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहने के कारण बड़ी संख्या में सरकारी कर्मी अपने परिवार और मित्रों के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने यहां पहुंचे। रविवार को वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले विभिन्न पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ देखने को मिली। आम बगीचा, बेलवा घाट, गंडक बैराज क्षेत्र तथा नदी घाटी योजना उच्च विद्यालय परिसर जैसे पिकनिक स्पॉट पर्यटकों से भरे रहे। पर्यटकों ने इन स्थलों पर स्वयं भोजन बनाकर लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा और प्रकृति के बीच समय बिताया। इस दौरान गोपालगंज, मोतिहारी, कुशीनगर और सिवान से सैकड़ों की संख्या में पर्यटक वाल्मीकिनगर पहुंचे। मोतिहारी से आए प्रवीण कुमार, वीरेंद्र कुमार, रंजीत दास और पंकज कुमार ने क्षेत्र की साफ-सफाई और प्राकृतिक सुंदरता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वन विभाग और जल संसाधन विभाग द्वारा की गई साफ-सफाई से पर्यटकों को काफी सहूलियत मिलती है। खुले और स्वच्छ वातावरण में कहीं भी बैठकर भोजन बनाना और खाना यहां के अनुभव को और भी खास बना देता है। कुशीनगर और सिवान से आए पर्यटक कृष्ण मोहन शर्मा और अवधेश कुमार तिवारी ने त्रिवेणी संगम तट और कालेश्वर मंदिर परिसर में उपलब्ध सुविधाओं की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि वन विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा विकसित की गई व्यवस्थाएं पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक साबित होंगी। धार्मिक स्थलों के साथ-साथ प्राकृतिक नजारों का संगम वाल्मीकिनगर को खास बनाता है। हालांकि, पर्यटकों ने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया। सिवान से आए लगभग 50 पर्यटकों के समूह ने क्षेत्र की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा कि पिकनिक स्पॉट पर पेयजल और सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था बेहद जरूरी है। खासकर महिला पर्यटकों के लिए इन सुविधाओं का अभाव परेशानी का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि जंगल कैंप में विभाग द्वारा कुछ सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन अन्य पर्यटन स्थलों पर अभी भी पेयजल और शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इस दिशा में सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं इको पार्क भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां लगे झूले बच्चों के लिए खास मनोरंजन का साधन बने हुए हैं। परिवार के साथ आए छोटे-छोटे बच्चे झूलों का आनंद लेते नजर आए। इको पार्क में बने वॉच टावर पर चढ़कर पर्यटकों ने नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों का नजदीक से दीदार किया, जिससे उनका रोमांच और बढ़ गया। इसके अलावा वाल्मीकिनगर के धार्मिक स्थल और नवनिर्मित कन्वेंशन सेंटर भी सैलानियों को आकर्षित कर रहे हैं। कुल मिलाकर, सप्ताहांत में वाल्मीकिनगर पर्यटन के लिहाज से पूरी तरह जीवंत नजर आया और यह साफ संकेत मिला कि यदि सुविधाओं का और विस्तार किया जाए, तो यह क्षेत्र देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।










