



जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर वाल्मीकिनगर का नदी घाटी योजना प्लस टू माध्यमिक विद्यालय देशभक्ति के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आया। एनसीसी से प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं ने बैंड की मधुर गूंज के साथ देशभक्ति गीतों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा इलाका राष्ट्रप्रेम के जज्बे से अभिभूत हो उठा।“राष्ट्र सर्वोपरि”के संदेश को आत्मसात करते हुए इन कैडेट्स ने गणतंत्र दिवस समारोह को यादगार बना दिया।
बैंड के माध्यम से निकली देशभक्ति धुनों ने सुबह से ही वातावरण को उत्साह और गर्व से भर दिया। विद्यालय के प्राचार्य राकेश कुमार राव के नेतृत्व में एनसीसी के वेशभूषा में सुसज्जित छात्र-छात्राओं ने प्रभात फेरी निकाली। प्रभात फेरी के दौरान जब बैंड के साथ देशभक्ति गीत गूंजे, तो राह चलते लोग ठहर गए और इस अनोखी प्रस्तुति को निहारते रह गए। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की जमकर सराहना की और कहा कि इस तरह के आयोजन से युवाओं में देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होती है। प्रभात फेरी के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने यह संदेश दिया कि देशभक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा और समर्पण से जुड़ी भावना है। एनसीसी कैडेट्स का आत्मविश्वास, तालमेल और अनुशासन हर कदम पर झलक रहा था। बैंड की लय पर थिरकते उनके कदम भारतीय सेवा परंपरा और सैन्य अनुशासन की याद दिला रहे थे। विद्यालय परिसर में आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान एनसीसी से प्रशिक्षित कैडेट्स ने परेड के माध्यम से शिक्षकों एवं उपस्थित अतिथियों को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी। सधे हुए कदम, एकसमान चाल और अनुशासित पंक्तियों को देखकर अतिथि भी अचंभित रह गए। कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोगों ने छात्र-छात्राओं के इस प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि एनसीसी प्रशिक्षण बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्राचार्य राकेश कुमार राव ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी न केवल छात्रों को अनुशासन सिखाता है, बल्कि उनमें नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और देशसेवा की भावना भी विकसित करता है। उन्होंने सभी कैडेट्स को इस शानदार प्रस्तुति के लिए बधाई दी और शिक्षकों के योगदान की भी सराहना की। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन किया गया। बैंड की देशभक्ति धुनों के साथ मनाया गया यह गणतंत्र दिवस समारोह न सिर्फ विद्यालय, बल्कि पूरे वाल्मीकिनगर क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बन गया।










