



हड़ताल में जाने से पहले विभाग को दिया अल्टीमेटम
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वीटीआर के दैनिकभोगी वनकर्मी समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमितिकरण (60 वर्ष के लिए), बकाया वेतन भुगतान एवं प्रति माह वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का मन बना रहे हैं। हालांकि मांगों को पूरा करने के लिए क्रमबद्ध तरीके से उनके द्वारा हड़ताल की जाएगी। वन कर्मियों द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी जाती है तो 14 जनवरी को एक बैठक करेंगे उसके बाद हड़ताल की तिथि तय की जाएगी। दैनिक वेतनभोगी वन्य कर्मी संघ के जिला मंत्री जयप्रकाश तालुकदार ने बताया कि वनकर्मी तपती दोपहर, कड़कड़ाती ठंड और बारिश के मौसम में 24 घंटे अपने कर्तव्यों का पालन करने में जुटे हैं। वनों की खुली तिजोरी की रक्षा वह पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा के साथ करते हैं। कार्य का समय 8 घंटा है जबकि उनसे 24 घंटा काम लिया जाता है और वेतनमान सबसे कम है। संघ अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का मन बना चुका हैं। जिसकी शुरूआत 14 जनवरी को धरना प्रदर्शन से होगी। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सभी दैनिकभोगी वनकर्मी अपने-अपने रेंज कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना पर बैठेंगे। उन्होंने बताया कि दैनिक भोगी मजदूर के रूप में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों को वर्षों से निबटाते आ रहे हैं, लेकिन कुछ वन पदाधिकारी द्वारा वर्षों से कार्य कर रहे दैनिक वेतन भोगी कर्मी को बिना वजह हटा देना एवं बकाया वेतन भुगतान की मांग शामिल है। संघ का कहना है कि वर्षों से वन विभाग के विभिन्न कार्यों का निष्पादन दैनिक भाेगी मजदूरों द्वारा करवाया जा रहा है। अब यदि दैनिक भोगी मजदूरों को काम से निकाल दिया जाएगा तो वे अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगे। इसके लिए पहले विभाग को अल्टीमेटम दिया जा रहा है। यदि विभाग हमारी मांगों को मान लेता है तो हड़ताल स्थगित कर दिया जाएगा। संघ के आह्वान पर वनकर्मियों की मांगों को लेकर मीटिंग बहुअरवा कुटी में की गई। इसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष अजय राम ने की। अजय राम ने कहा कि वन विभाग मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिसके कारण उनको संघर्ष करना पड़ रहा है। समान काम के लिए समान वेतनमान मुख्य मांग है।

वनकर्मी कई चरणों में आंदोलन करेंगे।
समान वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर वीटीआर के वन कर्मचारी 14 जनवरी से आंदोलन छेड़ने की तैयारी कर रहे हैं। संघ के अध्यक्ष ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों को लंबे समय से संघर्ष करने के बाद भी उनके अधिकार प्राप्त नहीं हुए हैं। वन कर्मचारियों की लगातार हो रही उपेक्षा के कारण कर्मचारी आंदोलन करने के लिए मजबूर हुए हैं। अनुबंध पर बहाल वनकर्मियों की बदौलत वीटीआर की सुरक्षा को एक नया आयाम मिला है। जिससे वन और वन्य जीवों की सुरक्षा व्यवस्था चौकस हुई है। वनकर्मियों की मुख्य मांग “समान कार्य के लिए समान वेतन” है, विशेषकर दैनिक वेतन भोगी के लिए, जो नियमित कर्मचारियों के बराबर काम करने के बावजूद कम वेतन पाते हैं । हमारी मुख्य मांगों में आठ घंटा ड्यूटी, रिक्त पदों का समायोजन, समान कार्य के लिए समान वेतन यानि 24000 रुपये प्रति माह भुगतान किया जाए। यदि इनकी मांगे नहीं मानी गई तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।










