

बेतिया । मझौलिया प्रखंड के करमवा पंचायत में मुखिया और वार्ड सदस्यों के बीच बढ़ा मतभेद अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। पंचायत की कार्यशैली और विकास योजनाओं के संचालन को लेकर नाराज वार्ड सदस्यों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। वार्ड सदस्यों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपते हुए पंचायत में विकास कार्यों में समन्वय की कमी, जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप लगाया। आवेदन में पंचायत स्तर पर उत्पन्न विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग भी की गई है। शिकायत करने वालों में उपमुखिया उरप्रमिला देवी सहित , वार्ड सदस्य शिला देवी , रिंकी देवी , राजेश कुमार , संदीप सहनी , सुनीता देवी , रम प्रभा देवी , मंजू देवी ,अवधेश कुमार आदि शामिल हैं। बताया गया कि नाराजगी के बीच वार्ड सदस्यों ने अपना त्यागपत्र भी प्रशासन को सौंप दिया था। हालांकि, मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ डॉ. राजीव रंजन कुमार ने त्यागपत्र स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत के विकास और जनहित से जुड़े कार्यों को बाधित नहीं होने दिया जाएगा तथा सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को मिलकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। बीडीओ ने सभी पक्षों की बातें सुनने के बाद आपसी संवाद और समन्वय के जरिए विवाद सुलझाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इधर, मामले की जांच के लिए प्रशासन ने पंचायती राज पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया है। टीम पंचायत से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, करमवा पंचायत की मुखिया अरुणा देवी के पति मोहन गुप्ता ने वार्ड सदस्यों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि पंचायत में सभी विकास कार्य नियमों के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से कराए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भ्रम फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की पहल के बाद मामले के समाधान की प्रक्रिया शुरू हो गई है और अब सभी की नजर जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हुई है।










