

29 जून से 30 सितंबर तक जंगल, साइकिल और गंडक सफारी पर रोक, बाघों के प्रजनन काल, वनपथों की मरम्मत और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला।
बेतिया/वाल्मीकिनगर:। मानसून की दस्तक के साथ ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में जंगल की सैर और वन्यजीवों के करीब पहुंचने का रोमांच कुछ समय के लिए थम जाएगा। वन्यजीव संरक्षण, बाघों के प्रजनन काल और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वीटीआर प्रशासन ने 29 जून से 30 सितंबर 2026 तक सभी प्रमुख पर्यटन गतिविधियों को बंद रखने का निर्णय लिया है। वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष फाउंडेशन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार तथा बिहार वन विभाग के निर्देशों के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत वाल्मीकिनगर, मंगुराहा और गोवर्धना पर्यटन केंद्रों में संचालित जंगल सफारी, साइकिल सफारी तथा गंडक नदी में संचालित मोटरबोट आधारित गंडक सफारी पूरी तरह बंद रहेगी। वन अधिकारियों के अनुसार मानसून के दौरान बाघ सहित कई वन्यजीवों का प्रजनन काल रहता है। साथ ही लगातार वर्षा से जंगल के रास्ते क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और कई स्थानों पर मरम्मत कार्य की आवश्यकता होती है। गंडक नदी का जलस्तर भी इस अवधि में तेजी से बढ़ता है, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इन्हीं कारणों से तीन माह तक पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। इस अवधि में बेतिया और पटना से संचालित एक दिवसीय, दो दिवसीय और तीन दिवसीय पर्यटन पैकेज भी बंद रहेंगे। वीटीआर का जंगल सफारी क्षेत्र लंबे समय से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां बाघ, गौर, तेंदुआ, भालू, सांभर, चीतल, वाइल्ड डॉग (ढोल), बार्किंग डियर सहित अनेक वन्यजीवों और दुर्लभ पक्षियों का दीदार होता है। घने जंगल, विशाल घासभूमि, प्राकृतिक जलस्रोत और जंगल के बीच बहती छोटी-बड़ी नदियां पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करती हैं। पर्यटन के प्रति बढ़ते रुझान का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2023-24 में वीटीआर में 3.22 लाख पर्यटक पहुंचे थे। यह संख्या वर्ष 2024-25 में बढ़कर 4.80 लाख और वर्ष 2025-26 में 6.09 लाख तक पहुंच गई। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल और मई माह तक ही 69,618 पर्यटक वीटीआर का भ्रमण कर चुके हैं। विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2018-19 में जहां केवल तीन विदेशी पर्यटक पहुंचे थे, वहीं वर्ष 2025-26 तक उनकी संख्या लगभग 70 हो गई। वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक एवं फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक गौरव ओझा ने बताया कि अक्टूबर से पर्यटन गतिविधियां पुनः शुरू कर दी जाएंगी। तब तक वन विभाग संरक्षण और प्रबंधन कार्यों को प्राथमिकता देगा।










