ग्रामीण चिकित्सकों ने बुलंद की आवाज, सम्मान और अधिकार की मांग तेज।

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वाल्मीकिनगर में प्राइवेट ग्रामीण चिकित्सक संघ की बैठक, 500 चिकित्सकों को मिला सदस्यता प्रमाण पत्र।

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर :- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और ग्रामीण चिकित्सकों के अधिकारों को लेकर रविवार को वाल्मीकिनगर स्थित वन विभाग सभागार में प्राइवेट ग्रामीण चिकित्सक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण चिकित्सकों ने भाग लिया तथा सरकार से सम्मान, पहचान और अधिकार सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कार्यक्रम के दौरान संस्था के चेयरमैन डॉ. एस.के. शर्मा ने लगभग 500 चिकित्सकों को सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान किया। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि ग्रामीण चिकित्सक वर्षों से गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं। कोरोना महामारी जैसी आपदा के दौरान भी इन चिकित्सकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की, लेकिन आज तक उनकी समस्याओं के समाधान और भविष्य की सुरक्षा के लिए कोई ठोस सरकारी पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण चिकित्सक सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद ये चिकित्सक दूरदराज के गांवों में लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
बैठक में उपस्थित चिकित्सकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की वास्तविक जिम्मेदारी काफी हद तक ग्रामीण चिकित्सकों के कंधों पर टिकी हुई है। जब सरकारी अस्पतालों और चिकित्सकों की पहुंच सुदूर इलाकों तक नहीं हो पाती, तब ग्रामीण चिकित्सक ही मरीजों की पहली उम्मीद बनते हैं।

उन्होंने कहा कि गांवों के अलावा शहरी बस्तियों और स्लम क्षेत्रों में भी ये चिकित्सक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
प्राइवेट चिकित्सक मेडिकल एसोसिएशन (पीसीएमए) ऑल इंडिया के पदाधिकारियों ने बताया कि देशभर में लगभग 60 लाख अनरजिस्टर्ड ग्रामीण चिकित्सकों का भविष्य आज भी अनिश्चित बना हुआ है। संगठन ने सरकार से मांग की कि ग्रामीण चिकित्सकों को स्वास्थ्य व्यवस्था का अभिन्न अंग मानते हुए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण, मान्यता और अधिकार प्रदान किए जाएं, ताकि वे अधिक प्रभावी ढंग से जनसेवा कर सकें। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी वितरित किया गया। उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में ग्रामीण चिकित्सकों की उपेक्षा समाप्त कर उन्हें सम्मानजनक पहचान और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। बैठक के अंत में संस्था के चेयरमैन डॉ. एस.के. शर्मा ने सभी चिकित्सकों और उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉ. आशीष कुमार, एस.के. शुक्ला, डॉ. गोपाल काजी, डॉ. निधि, डॉ. पुष्पा कुमारी, डॉ. अंजली श्रीवास्तव सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे।

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