मानसून से पहले अलर्ट मोड में गंडक बराज, सचिव ने परखी तैयारियां।

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बाढ़ और कटाव से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने के निर्देश, भारत-नेपाल समन्वय को बताया अहम।

जिला ब्यूरो,विवेक कुमार सिंह,

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने गंडक बराज की सुरक्षा और बाढ़ प्रबंधन तैयारियों को लेकर अपनी गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने शुक्रवार को वाल्मीकिनगर स्थित ऐतिहासिक गंडक बराज का निरीक्षण किया। उन्होंने बराज के विभिन्न फाटकों, नियंत्रण कक्ष और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर बाढ़ पूर्व तैयारियों की स्थिति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ और नदी कटाव जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नई और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि गंडक नदी के तटीय इलाकों में हर वर्ष बाढ़ और कटाव की समस्या सामने आती है, इसलिए अभियंताओं को अभी से पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक में अभियंताओं ने बताया कि गंडक बराज की सुरक्षा और संचालन को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है। बराज के संचालन के लिए तीन अलग-अलग प्रणालियां कार्यरत हैं, जिनमें अत्याधुनिक स्काडा सिस्टम, इलेक्ट्रिक पैनल और मैनुअल ऑपरेशन सिस्टम शामिल हैं। किसी एक प्रणाली में तकनीकी बाधा उत्पन्न होने की स्थिति में अन्य प्रणालियों के माध्यम से गेटों का संचालन निर्बाध रूप से किया जा सकता है। सचिव ने बराज के सभी गेटों के संचालन की प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में सभी गेट पूरी तरह कार्यशील हैं और मानसून से पहले उनकी नियमित जांच, मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य जारी है। साथ ही तटबंधों और सुरक्षा संरचनाओं की मजबूती का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। बैठक में भारत-नेपाल समन्वय को विशेष महत्व देते हुए सचिव ने कहा कि बाढ़ के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित सूचना आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है। आपसी सहयोग और समन्वय से बाढ़ प्रबंधन एवं राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता मुजफ्फरपुर मनोज कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता मोहम्मद जिलानी, कार्यपालक अभियंता इकबाल अनवर, नेमीशरण, चंद्र भूषण सहित जल संसाधन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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