

वॉच टावर के पास सफारी के दौरान हुआ दुर्लभ दीदार, कैमरे संभालते रह गए सैलानी।
जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह,
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व इन दिनों पर्यटकों के लिए रोमांच और आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। लगातार हो रही बाघ की साइटिंग ने जंगल सफारी के रोमांच को कई गुना बढ़ा दिया है। रविवार को एक बार फिर जंगल सफारी पर निकले पर्यटकों को ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने उनके सफर को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। जानकारी के अनुसार जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों से भरी गाड़ी जैसे ही वॉच टावर के समीप पहुंची, अचानक पगडंडी के किनारे एक विशाल बाघ शाही अंदाज़ में टहलता दिखाई दिया। खुले जंगल में बाघ को इतनी नजदीक और बेफिक्र अंदाज में देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। कुछ देर तक बाघ सड़क किनारे चहलकदमी करता रहा। पर्यटक अपने मोबाइल और कैमरे निकालकर इस दुर्लभ पल को कैद करने में जुट गए, लेकिन देखते ही देखते बाघ झाड़ियों की ओर बढ़ा और आंखों से ओझल हो गया। बाघ की अचानक हुई इस साइटिंग से जंगल का पूरा माहौल रोमांच से भर उठा। सफारी पर आए पर्यटकों के चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था। मुजफ्फरपुर से आए पर्यटक राकेश पासवान, धनेश पासवान और सरोज कुमार पासवान ने बताया कि वे लंबे समय से वीटीआर आने की योजना बना रहे थे। उनकी सबसे बड़ी इच्छा जंगल के राजा के दर्शन की थी, जो इस सफर में पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि इतने करीब से बाघ को देखना उनके जीवन का सबसे अद्भुत अनुभव रहा। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में लगातार हो रही बाघ की साइटिंग इस बात का प्रमाण है कि वीटीआर का वन्यजीव तंत्र मजबूत हो रहा है। रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि बाघ अपने प्राकृतिक आवास में सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जिसके कारण उनकी गतिविधियां अधिक दिखाई दे रही हैं। उन्होंने बताया कि बाघ की बढ़ती साइटिंग से जंगल सफारी की बुकिंग में भी तेजी आई है। प्रकृति प्रेमी मनोज कुमार के अनुसार बाघ सामान्यतः शर्मीले स्वभाव के होते हैं और घने जंगलों में छिपकर रहना पसंद करते हैं। ऐसे में सफारी के दौरान उनका दिखाई देना बेहद दुर्लभ और रोमांचकारी माना जाता है। लगातार हो रही साइटिंग ने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व को देशभर के पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना दिया है।










