नहर किनारे अवैध कब्जों पर सख्त वार, 15 दिन में हटाने का अल्टीमेटम, नेपाल सरकार का विशेष अभियान शुरू, नहीं हटाया अतिक्रमण तो होगी कानूनी कार्रवाई।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- नेपाल सरकार के ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्रालय के निर्देश पर गंडक पश्चिम नहर सिंचाई प्रबंधन कार्यालय ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नहरों, तटबंधों और सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हर हाल में हटाया जाएगा और इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
यह कार्रवाई मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत “शासन सुधारों के लिए सौ कार्य सूची” के तहत की जा रही है। इस योजना में सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा, डिजिटल अभिलेख तैयार करना, निगरानी प्रणाली को मजबूत करना और अवैध अतिक्रमण को खत्म करना प्रमुख लक्ष्य है। विभाग के अनुसार, गंडक पश्चिम नहर सिंचाई प्रणाली, पिपरपाती, परसौनी सिंचाई प्रणाली की मुख्य, शाखा एवं उप-शाखा नहरों के साथ-साथ भारतीय मुख्य नहर, ए-गैप, लिंक- बांध और नेपाल तटबंध के आसपास बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पाया गया है। नहरों के किनारे मकान, झोपड़ियां और अन्य अस्थायी-स्थायी निर्माण किए जाने से सिंचाई व्यवस्था बाधित हो रही है। इससे न केवल जल प्रवाह प्रभावित होता है, बल्कि रखरखाव कार्यों में भी गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं। इसी को देखते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिंचाई प्रबंधन कार्यालय ने संबंधित लोगों को 15 दिनों का समय दिया है कि वे स्वयं अपने कब्जे हटा लें। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे नहर और तटबंध क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का नया निर्माण या कब्जा न करें, ताकि सिंचाई व्यवस्था सुचारू बनी रहे और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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