अब ‘स्मार्ट गाइड’ बताएंगे जंगल का रास्ता, वीटीआर में इको-टूरिज्म को मिलेगा नया आयाम।

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जिला ब्यूरो विवेक कुमार सिंह 

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- बिहार सरकार इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रही है। इसी क्रम में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। अब यहां अत्याधुनिक साइनेज लगाए जाएंगे, जो पर्यटकों के लिए ‘स्मार्ट गाइड’ और ‘मौन गाइड’ की भूमिका निभाएंगे। इस कदम से न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि वीटीआर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जंगल के विभिन्न मार्गों और महत्वपूर्ण स्थलों पर लगाए जाने वाले ये साइनेज पर्यटकों को दिशा दिखाने के साथ-साथ उन्हें जरूरी जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे। अब सफारी के दौरान पर्यटकों को रास्ता भटकने या जानकारी के अभाव की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। हर जरूरी सूचना उन्हें रास्ते में ही स्पष्ट और व्यवस्थित रूप से मिल जाएगी। इन साइनेज में सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों को प्रमुखता दी जाएगी। ‘नो प्लास्टिक’, ‘वन्यजीवों से दूरी बनाएं’ और ‘शांत रहें’ जैसे संदेशों के जरिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही वन्यजीवों, जैव विविधता और स्थानीय पारिस्थितिकी से जुड़ी रोचक जानकारियां भी प्रदर्शित की जाएंगी, जिससे पर्यटक ज्ञानवर्धन के साथ-साथ प्रकृति के प्रति संवेदनशील बन सकें। इस पहल की खास बात यह है कि साइनेज बहुभाषी होंगे। इससे विदेशी पर्यटकों को भाषा संबंधी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे आसानी से विभिन्न स्थलों तक पहुंच सकेंगे। यह सुविधा वीटीआर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही ‘टाइगर जोन’ और ‘बफर जोन’ की स्पष्ट पहचान भी इन साइनेज के माध्यम से कराई जाएगी, ताकि पर्यटक अनजाने में संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश न करें। घुमावदार और जटिल रास्तों पर दिशा भ्रम की समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और वन्यजीवों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है। आधुनिक तकनीक से लैस यह पहल वीटीआर के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इको-टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनकर उभर सकता है।

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