

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर : विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर 22 अप्रैल को राजकीय मध्य विद्यालय, वाल्मीकिनगर (बगहा-2) में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। विद्यालय परिसर में “इको क्लब फॉर मिशन लाइफ” का गठन कर छात्रों को प्रकृति के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने का संकल्प दिलाया गया। इस पहल ने विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए एक नई दिशा प्रदान की है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई। इको क्लब का मुख्य उद्देश्य बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना और उन्हें वृक्षारोपण, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत तथा स्वच्छता जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। क्लब में कुल 20 छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है, जिनमें से 12 सदस्य विद्यालय की बाल संसद के विभिन्न मंत्री पदों का दायित्व निभा रहे हैं।

क्लब के गठन के तहत जल एवं पर्यावरण मंत्री प्रभाकर लामा को अध्यक्ष और उपमंत्री फातिमा खातून को सचिव बनाया गया। इनके साथ अंश कुमार, आमना खातून, मानसी कुमारी, हामिद अली, प्रियांशु कुमार, सफिउर रहमान, कृष्णा, केशव सहित अन्य विद्यार्थियों को भी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। सभी छात्र-छात्राएं मिलकर विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। इस अवसर पर वरीय शिक्षक भैरोलाल पासवान को क्लब का नोडल शिक्षक नियुक्त किया गया। प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इको क्लब बच्चों को केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यवहारिक रूप से पर्यावरण संरक्षण के लिए तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए आज से ही जागरूकता जरूरी है, और बच्चे इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की पोषण वाटिका में शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक पौधारोपण किया गया।

इस दौरान बच्चों को वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संतुलन और हरित जीवनशैली के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस पहल से बच्चों में प्रकृति के प्रति लगाव और जिम्मेदारी की भावना और अधिक मजबूत हुई। कार्यक्रम में शिक्षक विनोद चंद्र, मधुबाला यादव, गीता कुमारी और संजू देवी की उपस्थिति रही। सभी ने बच्चों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। विद्यालय की यह पहल निश्चित रूप से विद्यार्थियों को जागरूक बनाएगी और समाज में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित करेगी।










