

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह
बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को उस समय रोमांचक अनुभव हुआ, जब उनके सामने अचानक एक तेंदुआ आ गया। मुजफ्फरपुर से आए पर्यटक साकिब खान अपने परिवार के साथ सफारी पर निकले थे, तभी सफारी मार्ग पर तेंदुए की चहल-कदमी ने सभी को हैरान कर दिया। बुधवार की सुबह इस घटना में तेंदुआ कुछ देर तक जंगल के रास्ते पर मस्ती करता नजर आया। सफारी गाड़ी में बैठे पर्यटक एक ओर इस दुर्लभ नजारे को देखकर उत्साहित थे, तो वहीं दूसरी ओर उनके मन में डर भी था कि कहीं तेंदुआ हमला न कर दे। हालांकि, वाहन चालक ने संयम बनाए रखा और भरोसा दिलाया कि जंगली जानवर आमतौर पर बिना उकसावे के हमला नहीं करते। पर्यटकों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में तेंदुआ बेहद शांत अंदाज में खड़ा नजर आ रहा है, जिससे जंगल की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों की उपस्थिति का अद्भुत दृश्य सामने आता है।
कुछ ही पलों बाद तेंदुआ जंगल की घनी झाड़ियों में चला गया और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया। इस रोमांचक मुलाकात ने पर्यटकों की सफारी को यादगार बना दिया।
गौरतलब है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार का एकमात्र टाइगर रिजर्व है, जो करीब 899 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह क्षेत्र बाघ, तेंदुआ, गैंडा, गौर समेत कई दुर्लभ वन्यजीवों और पक्षियों का सुरक्षित आवास है। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में यहां वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2018 में जहां तेंदुओं की संख्या महज 10-12 थी, वहीं अब यह बढ़कर 120 से अधिक हो गई है। इसी तरह बाघों की संख्या भी 60 के पार पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि बेहतर संरक्षण और सख्त निगरानी का परिणाम है। तेंदुए के इस तरह खुले में दिखने से यह संकेत भी मिलता है कि जंगल का पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हो रहा है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व न केवल जैव विविधता का खजाना है, बल्कि पर्यटकों के लिए रोमांच से भरपूर एक बेहतरीन गंतव्य भी है।










