तपती दोपहर में धधका जंगल, वीटीआर में दावानल से वन संपदा पर बड़ा खतरा।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में बढ़ती गर्मी के बीच शनिवार को आग लगने की घटना सामने आई। दोपहर के समय अचानक भड़की इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब एक एकड़ क्षेत्र में फैली झाड़ियां, घास तथा बहुमूल्य जड़ी-बूटियां जलकर राख हो गईं। मिली जानकारी के अनुसार, स्टेट बैंक के पीछे स्थित जंगल में कुछ शरारती तत्वों द्वारा आग लगाए जाने की आशंका जताई जा रही है। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में धुएं का घना गुबार छा गया। आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वनकर्मी मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसमें कई दुर्लभ औषधीय पौधे भी नष्ट हो गए, जिनका पुनर्जीवन आसान नहीं होता। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में आग लगने के पीछे लोगों की गलत धारणाएं भी जिम्मेदार हैं। कुछ ग्रामीण पुरानी घास को जलाकर नई घास उगाने की सोच रखते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो रही है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी गतिविधियों से बचें और जंगलों की सुरक्षा में सहयोग करें। रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन गर्मी के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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