सोलर रोशनी से जगमग हुआ बनवर्ती क्षेत्र मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की अनोखी पहल।

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जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर :- वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र से सटे सीमावर्ती इलाकों में अब रात का अंधेरा धीरे-धीरे छंटने लगा है। यहां सोलर लाइटें लगाकर पूरे क्षेत्र को रोशन करने की पहल की गई है, जिसका उद्देश्य मानव और वन्यजीवों के बीच होने वाले संघर्ष को कम करना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से शुरू की गई इस पहल के तहत वन क्षेत्र से लगे गांवों और रास्तों पर आधा दर्जन सोलर लाइटें लगाई जा रही हैं। यह कदम खासतौर पर उन इलाकों में उठाया गया है, जहां अक्सर बाघ, तेंदुआ, भालू जैसे हिंसक वन्यजीव जंगल से बाहर निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं।

सुरक्षा में मिलेगा बड़ा सहारा

अंधेरे के कारण अब तक ग्रामीणों को यह पता नहीं चल पाता था कि कब और कहां से जंगली जानवर गांव की ओर आ रहे हैं। ऐसे में कई बार जान-माल की हानि भी होती थी। लेकिन सोलर लाइट लगने से अब रात के समय भी पर्याप्त रोशनी रहेगी, जिससे ग्रामीण दूर से ही जानवरों की गतिविधियों को देख सकेंगे और समय रहते सतर्क हो सकेंगे। इससे न केवल मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी, बल्कि लोगों का भय भी कम होगा।

वन विभाग को भी मिलेगी मदद

रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि सोलर लाइट लगने से वन विभाग को भी काफी सहूलियत होगी। रोशनी के कारण वन्यजीवों की आवाजाही पर निगरानी रखना आसान हो जाएगा। खासकर पर्यटन क्षेत्र में यह व्यवस्था और भी महत्वपूर्ण साबित होगी, जहां पर्यटकों की आवाजाही अधिक रहती है। इससे किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को समय रहते रोका जा सकेगा।

बिजली की समस्या का समाधान

वनवर्ती क्षेत्रों में बिजली की लाइनें पहुंचाना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में सोलर लाइट एक प्रभावी और टिकाऊ विकल्प बनकर उभरी है। यह न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि बिजली की बचत के साथ-साथ दूरदराज के इलाकों में रोशनी भी सुनिश्चित करती है। स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीणों को मिली राहत स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सोलर लाइट लगने से अब रात के समय आवागमन पहले से अधिक सुरक्षित हो गया है। पहले जहां अंधेरे के कारण लोग शाम ढलते ही घरों में सिमट जाते थे, वहीं अब वे जरूरी कार्यों के लिए बाहर निकलने में खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कुल मिलाकर, वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में सोलर लाइट लगाने की यह पहल न केवल सुरक्षा बढ़ाने में कारगर साबित हो रही है, बल्कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास भी है।

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