

बेतिया मझौलिया से राजू शर्मा की रिपोर्ट ।।
बेतिया/मझौलिया। मझौलिया प्रखंड के करमवा पंचायत स्थित वार्ड संख्या 7 की छात्रा अनु कुमारी ने मैट्रिक परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 476 अंक प्राप्त कर जिले में 8वां स्थान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है। गांव से लेकर प्रखंड तक खुशी का माहौल है और लोग अनु की सफलता को प्रेरणादायक बता रहे हैं।अनु कुमारी की यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम और अटूट आत्मविश्वास का परिणाम है। सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उनकी माता चंदा देवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौलिया में आशा फैसिलिटेटर के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनके पिता जितेंद्र प्रसाद एक साधारण किसान हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं होने के बावजूद अनु ने पढ़ाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी और हर चुनौती को पार करते हुए सफलता का यह मुकाम हासिल किया। बताते चले कि अनु कुमारी की प्रारंभिक शिक्षा पूर्वी चंपारण जिला अंतर्गत सुभाष पब्लिक स्कूल नोनेया से हुई है तथा हाई स्कूल की शिक्षा आलोक भारती शिक्षण संस्थान बेतिया से हुआ है। अनु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों के साथ-साथ नाना-नानी, मामा-मामी और अपने फूफा राम इकबाल प्रसाद को दिया है। उन्होंने बताया कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनका मानना है कि नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और सकारात्मक सोच ही सफलता की असली कुंजी है।

अनु की माता चंदा देवी ने गर्व के साथ कहा कि आज के समय में बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। जरूरत है उन्हें अवसर देने और सही दिशा में मार्गदर्शन करने की। उन्होंने अन्य अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपनी बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।वहीं पिता जितेंद्र प्रसाद ने कहा कि वे अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलाकर इंजीनियर बनाना चाहते हैं। इसके लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कितनी भी मेहनत क्यों न करनी पड़े।फूफा राम इकबाल प्रसाद ने अनु को बधाई देते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में छात्रों को सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने अनु की सफलता को क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।










