वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए चौकस वनकर्मी, वीटीआर में दिन-रात चल रही विशेष गश्ती और एंटी स्नेयर वॉक।

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बेतिया/वाल्मीकिनगर :- वाल्मीकिनगर वन प्रक्षेत्र के अंतर्गत जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। वन एवं वन्यप्राणियों को शिकारियों से बचाने और जंगल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वनकर्मियों द्वारा लगातार दिन और रात में विशेष गश्ती अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों, जंगल से लगे गांवों तथा अन्य संवेदनशील इलाकों में नियमित रूप से एंटी स्नेयर वॉक भी की जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जंगलों में शिकारियों द्वारा लगाए जाने वाले फंदे और जाल वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। इन्हीं खतरों को ध्यान में रखते हुए वनकर्मियों की टीम लगातार जंगलों में पैदल गश्त कर रही है और हर संदिग्ध स्थान की गहन जांच कर रही है। गश्ती के दौरान वनकर्मी सावधानीपूर्वक अपने आसपास के क्षेत्रों को सर्च करते हैं और किसी भी प्रकार के फंदे, ट्रैप या शिकार से संबंधित उपकरण मिलने पर उसे तुरंत नष्ट कर देते हैं।
वनकर्मियों की यह गश्ती खासकर उन इलाकों में ज्यादा की जा रही है जहां जंगल गांवों से सटा हुआ है या जहां से अंतरराष्ट्रीय सीमा नजदीक है। ऐसे स्थानों को संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में वन्यजीवों के शिकार की संभावना अधिक रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा इन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।


एंटी स्नेयर वॉक के दौरान वनकर्मी जंगल के अंदरूनी हिस्सों में भी पैदल जाकर जांच करते हैं। इस दौरान टीम के सदस्य झाड़ियों, पगडंडियों, जलस्रोतों और जानवरों के आने-जाने वाले रास्तों को बारीकी से देखते हैं। कई बार शिकारी इन्हीं स्थानों पर फंदे लगाकर वन्यजीवों को पकड़ने की कोशिश करते हैं। ऐसे में वनकर्मियों की सतर्कता से इन खतरों को समय रहते समाप्त किया जा रहा है। वाल्मीकि नगर रेंजर सत्यम कुमार की माने तो वीटीआर का यह क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर है और यहां बाघ, तेंदुआ, हिरण, जंगली सुअर सहित कई दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं। इन वन्यजीवों की सुरक्षा वन विभाग की प्राथमिकता है। इसलिए गश्ती व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। वनकर्मियों की टीम लगातार जंगलों में निगरानी रखते हुए शिकारियों की गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है। साथ ही जंगल से सटे गांवों के लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। वन विभाग का मानना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें स्थानीय लोगों का सहयोग भी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। लगातार चल रही गश्ती और एंटी स्नेयर वॉक के कारण जंगलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। वन विभाग को उम्मीद है कि इन प्रयासों से शिकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और वन्यजीव सुरक्षित वातावरण में रह सकेंगे।

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